सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का जनपद भ्रमण कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न हुआ। उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन चुर्क हेलीपैड पर उतरा, जहां जिलाधिकारी बी.एन. सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद वह विकास भवन के लिए रवाना हुईं।
विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, किट और सामग्री वितरित की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 200 प्री-स्कूल किट तथा 200 पोषण पोटली दी गईं। 500 आयुष्मान कार्ड, 50 वनाधिकार पट्टा, मुख्यमंत्री आवास योजना के 10 स्वीकृति पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के 10 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। दो लाभार्थियों को मोटराइज्ड दोना मशीन, दो दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल और 10 अनाथ बच्चियों को 1100 रुपये के चेक वितरित किए गए।
राज्यपाल ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक किट उपलब्ध कराने पर जोर दिया ताकि बच्चों को पढ़ने का बेहतर वातावरण मिल सके। स्वच्छता पर बल देते हुए प्रत्येक 15 दिन में बच्चों के नाखून काटने जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही।टीबी मुक्त अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक डॉक्टर मरीज को पूरी तरह स्वस्थ घोषित न करें, तब तक पोषण पोटली दी जाती रहे। आयुष्मान योजना और स्वामित्व योजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि घर का मालिकाना हक पति और पत्नी दोनों के नाम होना चाहिए। मुख्यमंत्री सूर्य घर योजना के तहत जनपद के प्रत्येक घर पर सोलर पैनल स्थापित कराने की बात भी रखी।

राजस्व विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि खतौनी से जुड़े मामलों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए। ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि लोगों को समय से जमीन का अधिकार मिल सके और विवाद की संभावना समाप्त हो। भूमि विवादों में प्रशासन और पुलिस को तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
