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Sonebhadra: विक्षिप्त व्यक्ति की हत्या के मामले में मंगरू का हुआ खुलासा ।जेब से पैसे निकालने का प्रयास किया गया था।

सोनभद्र। पन्नूगज क्षेत्रान्तर्गत रामगढ़ बाजार में अज्ञात व्यक्ति द्वारा हमला कर मानसिक से विक्षिप्त व्यक्ति मंगरू पुत्र अज्ञात, उम्र लगभग 35 वर्ष, की हत्या की गई थी, जो कस्बा रामगढ़ में भीख मांगकर जीवनयापन करता था तथा प्रायः सड़क किनारे सो जाता था। उक्त घटना के संबंध में ग्राम चौकीदार रामबली पुत्र गुलाब, निवासी ग्राम रामगढ़, थाना पन्नूगंज, जनपद सोनभद्र द्वारा दाखिल तहरीर के आधार पर थाना पन्नूगंज पर मु0अ0सं0-21/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी सदर राज सोनकर के कुशल पर्यवेक्षण/नेतृत्व में थाना पन्नूगंज पुलिस द्वारा लगातर चेकिंग व अन्य कार्यवाही की जा रही थी कि दिनांक 10.02.2026 को मुखबिर खास से प्राप्त सूचना के आधार पर करवनिया नहर मझिगाई पुलिया के पास से अभियुक्त विकाश कुमार उर्फ विक्की पुत्र सरवन चेरो निवासी ग्राम केवाल थाना कोन जनपद सोनभद्र, हालपता पचोखर थाना पन्नूगंज जनपद सोनभद्र उम्र करीब 26 वर्ष, को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर से जैकेट, पैन्ट व जूता तथा शीशा (जिससे मृतक की हत्या की गई थी) को एक झोले से बरामद किया गया। अभियुक्त द्वारा पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में 1-2 बार चोरी की घटनाएँ कर चुका है, किन्तु पकड़ा नहीं गया था तथा चोरी कर अपने जेब खर्च का प्रबंध करता था। वह अपनी पत्नी लक्ष्मी के साथ अपने ससुराल ग्राम रड्या गोसाई (पन्नूगंज बाजार के समीप) थाना-पन्नूगंज जनपद सोनभद्र में रहता है,अभियुक्त ने बताया कि दिनांक 27.01.2026 को वह दिन में रामगढ़ बाजार आया था, जहाँ उसने शहजादा स्कूल, रामगढ़ के पास स्थित दुकान के समीप मृतक मंगरू को भीख में प्राप्त धनराशि गिनकर अपनी जेब में रखते देखा। उसी समय उसके मन में चोरी करने का विचार आया। दिनांक 27/28.01.2026 की रात्रि में अभियुक्त चोरी करने के उद्देश्य से रामगढ़ बाजार गया। शहजादा स्कूल के पास पहुँचने पर उसने देखा कि मंगरू कम्बल ओढ़कर सोया हुआ है। अभियुक्त ने उसकी जेब से पैसे निकालने का प्रयास किया, तभी मंगरू जाग गया और अभियुक्त का हाथ पकड़ लिया तथा विरोध करने लगा। उसी समय किसी वाहन के आने का आभास होने पर मुझको पकड़े जाने का भय हुआ। इस पर मैंने अपनी पहनी हुई पैंट से एक शीशा (काँच का टुकड़ा) निकालकर मंगरू के गले पर वार कर दिया, जिससे उसके गले से अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। अभियुक्त ने शीशे पर लगा खून मृतक के जैकेट में पोंछ दिया और वहाँ से भाग गया।

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