Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

पीलीभीत: नए एसपी बने सुकृति माधव मिश्रा, पीएम मोदी को ‘मैं खाकी हूं’ कविता सुनाकर सुर्खियों में रहे! सख्त-संवेदनशील पुलिसिंग के साथ रचनात्मक व्यक्तित्व के लिए भी हैं चर्चित


पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पुलिस विभाग में किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्च्ै अधिकारी सुकृति माधव मिश्रा को जनपद पीलीभीत का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। उन्होंने अभिषेक यादव का स्थान लिया है, जिन्हें पदोन्नति के उपरांत लखनऊ स्थित एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

2015 बैच के आईपीएस अधिकारी सुकृति माधव मिश्रा उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी पहचान सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के साथ-साथ संवेदनशील और जनहितैषी पुलिसिंग के लिए भी है। वे ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराध और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। जहां भी उनकी तैनाती रही, वहां संगठित अपराध, माफिया और पेशेवर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया।

सुकृति माधव मिश्रा का नाम केवल एक तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और रचनात्मक व्यक्तित्व के रूप में भी लिया जाता है।  उन्होंने एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी स्वरचित कविता ‘मैं खाकी हूं’ सुनाई थी। इस कविता में उन्होंने खाकी वर्दी के पीछे छिपे त्याग, कर्तव्य, संघर्ष और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया था। उनकी इस प्रस्तुति की प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भी सराहना की गई थी और यह कविता उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी।मूल रूप से बिहार के निवासी सुकृति माधव मिश्रा अनुशासन, तकनीक के बेहतर उपयोग और त्वरित निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। वे पुलिस-जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करने पर विशेष जोर देते रहे हैं।नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र वाला जनपद पीलीभीत कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यहां सीमावर्ती अपराध, तस्करी, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में नए एसपी के रूप में सुकृति माधव मिश्र के सामने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पुलिस पर भरोसा बढ़ाने की अहम जिम्मेदारी होगी।जनपद में उनकी नियुक्ति से कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदना का संतुलन रखने वाले इस अधिकारी से जनता को प्रभावी, निष्पक्ष और भरोसेमंद पुलिसिंग की अपेक्षा है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |