अमेठी। अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा, जनपद अमेठी के जिला अध्यक्ष उदय राज यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, अमेठी को सौंपा। ज्ञापन में कथित रूप से बनाई गई फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” पर तत्काल रोक लगाने तथा फिल्म निर्माता और कलाकारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में उदय राज यादव ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है कि किसी प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा “यादव जी की लव स्टोरी” नामक फिल्म का निर्माण किया गया है। आरोप है कि इस फिल्म में एक विशेष जाति को केंद्र में रखकर प्रेम प्रसंग को दर्शाया गया है, जिससे समाज के एक वर्ग की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विशेष जाति को लक्षित करना या किसी अन्य धर्म से जोड़कर कहानी प्रस्तुत करना निंदनीय है और इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
उदय राज यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में शांति और सद्भाव का वातावरण बना हुआ है, ऐसे में इस प्रकार की फिल्में सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि फिल्म के प्रदर्शन से अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए फिल्म के रिलीज से पूर्व ही उस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि फिल्म के निर्माता, निर्देशक और संबंधित कलाकारों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी समुदाय की गरिमा और सामाजिक समरसता के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य के. डी. सरोज, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव (मोनू), जिला पंचायत सदस्य सूबेदार सिंह यादव सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि ज्ञापन को शीघ्र ही मुख्यमंत्री कार्यालय तक प्रेषित किया जाए और फिल्म की विषयवस्तु की जांच कर उचित निर्णय लिया जाए। प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
महासभा के नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि समाज में सौहार्द और सम्मान बनाए रखना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की सामाजिक असहजता की स्थिति उत्पन्न न हो।
