मोहन भागवत की दो टूक! अपनी मर्जी से लेन-देन करेंगे, किसी के दबाव में नहीं
February 08, 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद दो टूक बयान देते हुए कहा कि हम दुनिया से अलग-थलग नहीं रह सकते हैं, लेकिन लेन-देन करेंगे तो अपनी मर्जी से करेंगे. किसी के दबाव में नहीं करेंगे, न ही टैरिफ देखकर फैसले लेंगे.
उन्होंने कहा कि हम जो भी खरीदारी करेंगे, वह अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली होगी. हमें स्वदेशी को अपनाना चाहिए. जहां कोई विकल्प नहीं है और विदेश के अलावा कोई रास्ता नहीं है, वहां विदेशी वस्तुओं को अपनाया जा सकता है.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आज शनिवार (7 फरवरी, 2026) को संघ यात्रा के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित व्याख्यानमाला को संबोधित करने संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ‘नीति के स्तर पर हम यह कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में लेन-देन करना पड़ता है. नीति धीरे-धीरे चल रही है. नीति अपनी गति से बदलती है और आगे बढ़ेगी, लेकिन अपने घर के स्तर पर हम स्वदेशी को लागू करेंगे.’
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हम विश्व गुरु बनेंगे, लेकिन सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि उदाहरणों के जरिए. अगर आप भारतीय हैं तो ये हुनर आपको विरासत में मिला है. उन्होंने कहा, ‘भारत में चार तरह के हिंदू हैं. पहले वो जो गर्व के साथ यह कहते हैं कि हम हिंदू हैं. दूसरे वो, जो यह कहते हैं कि हम हिंदू हैं तो क्या? इसमें गर्व करने वाली बात क्या है. तीसरे वो, जो यह कहते हैं कि यह बात धीरे से बोलो कि हम हिंदू हैं और आखिर में चौथे वो जो यह भूल गए हैं कि हम हिंदू हैं या फिर जिन्हें यह भूलने के लिए मजबूर कर दिया गया है कि वे असल में हिंदू हैं.’
