हेमंत सोरेन के खिलाफ कार्रवाई पर रोक ! बड़े मामलों पर ध्यान दें- सुप्रीम कोर्ट
February 25, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन की अवहेलना मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर दर्ज केस में निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी है. इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट की तरफ से जारी समन को बरकरार रखा था.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने हेमंत की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया है. जजों ने ईडी से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'यह छोटा मामला है. आपने कई बड़े केस दर्ज कर रखे हैं. बेहतर हो आप उन पर ध्यान दें.'
सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन की स्पेशल लीव पिटीशन पर यह अंतरिम आदेश पारित किया है. हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकर कर दिया गया था. ईडी के वकील ने कोर्ट में कहा कि हेमंत सोरेन को सात बार समन भेजा गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए. इस पर झारखंड सीएम के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि हेमंत सोरेन तीन बार पेश हुए, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
सीजेआई सूर्यकांत ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि ईडी ने बहुत सारे केस दर्ज किए हैं. उन पर ध्यान दीजिए और अपनी एनर्जी बड़े मामलों पर लगाइए, जिससे आपको सकारात्मक परिणाम मिलेंगे.'
ईडी ने हेमंत सोरेन के एक सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके पास से उसने मुख्यमंत्री की 8.86 एकड़ जमीन के दस्तावेज बरामद किए. इसके बाद पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई. इस दौरान हेमंत सोरेन को पेश होने के लिए और इस मामले में अपना बयान दर्ज करवाने के लिए कई बार समन भेजे गए, लेकिन वह पेश नहीं हुए. इसके बाद 31 जनवरी, 2024 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
रांची के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रट ने शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर आईपीसी के सेक्शन 174 के तहत समन जारी कर दिया. हेमंत सोरेन ने इसे लेकर हाईकोर्ट में अपील की और उनके खिलाफ कार्रवाई रद्द करने का अनुरोध किया. हालांकि, हाईकोर्ट ने इससे इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होना था या नहीं, यह एक तथ्यात्मक प्रश्न है, जिसका निधारण ट्रायल के दौरान किया जाना है.
