ऑपरेशन सिंदूर को लेकर डींगे हांक रहा था पाक, सीडीएस अनिल चौहान ने सुनाईं खरी-खरी
February 15, 2026
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार (14 फरवरी 2026) को ऑपरेशन सिंदूर भारत की रक्षा तैयारियों का जिक्र करते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान पर निशाना साधा. ऑपरेशन सिदूर के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में घुसकर जमकर तबाही थी, जिसे पड़ोसी मुल्क कभी भूल नहीं पाएगा. सीडीएस अनिल चौहान ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, 'सिर्फ बयानबाजी से जीत की घोषणा नहीं होती. खराब एयर डिफेंस सिस्टम से जीत का जश्न नहीं मनाया जा सकता.'
पुणे में एक सेमिनार के उद्घाटन सत्र में जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सफलता का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'जीत केवल बयानबाजी से घोषित नहीं की जाती, जैसा कि हमारे पड़ोस (पाकिस्तान) के कुछ संगठनों ने किया है, बल्कि सबूतों के माध्यम से दुनिया को दिखाई जाती है, जैसा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाया. ध्वस्त आतंकी ढांचे, क्षतिग्रस्त रनवे, खराब एयर डिफेंस सिस्टम से जीत का जश्न नहीं मनाया जा सकता. इस तरह की जीत या नारे स्थायी नहीं होते.'
सीडीएस अनिल चौहान ने कहा कि भविष्य में भारत की डिफेंस पॉलिसी उभरते खतरों पर आधारित होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'अगले दशक के लिए भारत की रक्षा नीति को भविष्य की चुनौतियों और परिस्थितियों के गंभीर आकलन के आधार पर तय किया जाना आवश्यक है. मेरा मानना है कि यह नीति (वर्तमान की) तेजी से प्रतिस्पर्धी, टकरावपूर्ण, आक्रामक, नाजुक और तकनीकी रूप से बेहद समस्या पैदा करने वाली होती जा रही है.'
उन्होंने यह भी कहा कि आज के बदलते वैश्विक परिवेश में देश अब स्थायी मित्रता या प्रतिद्वंद्विता की धारणा नहीं रख सकते हैं और भारत को जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा, 'स्थायी मित्रों या शत्रुओं के बारे में धारणाएं तेजी से बदलती जा रही हैं. आज की दुनिया में यह परिभाषित करना मुश्किल है कि आपके मित्र कौन हैं, आपके सहयोगी कौन हैं, आपके शत्रु कौन हैं और आपके विरोधी कौन हैं. यही वजह है कि भारत को जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए मेंटली, स्ट्रक्चरल और फिजिकल रूप से तैयार रहना चाहिए.'
