अमेठी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में 17 दिसंबर 2025 को चार्ज हस्तांतरण के दौरान हुए विवाद का मामला प्रशासनिक पत्राचार, आरजीआरएस शिकायत तथा समयबद्ध जांच आदेशों के बावजूद अभी तक निर्णायक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सका है। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से कर्मचारियों, शिक्षक संगठनों एवं प्रशासनिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। प्रकरण के अनुसार लिपिक विकास तिवारी कार्यालय में शासकीय प्रक्रिया के तहत पहुंचे थे। उसी दौरान उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा अमेठी के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र तथा गौरीगंज क्षेत्र के अध्यक्ष गंगाधर शुक्ला के साथ कहासुनी के बाद गाली-गलौज और धमकी जैसी स्थिति उत्पन्न होने का आरोप लगाया गया। कर्मचारी पक्ष का कहना है कि संबंधित कर्मचारी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा था, जबकि शिक्षक प्रतिनिधियों ने मामले में संतुलित व तथ्याधारित जांच की मांग की है ताकि किसी निर्दोष पक्ष को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। घटना की सूचना दूरभाष से दिए जाने पर शांति बनाए रखने की सलाह दी गई। इसके बाद यू.पी. एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन, जनपद अमेठी द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जबकि स्थानीय संपादक माता फेर सिंह दीपक ने आरजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 60000260021998 दर्ज कर प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाया। 31 जनवरी 2026 को खंड शिक्षा अधिकारी, भेटुआ को 10 दिवस के भीतर विस्तृत जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया गया, जिसकी प्राप्ति 02 फरवरी 2026 अंकित हुई। तत्पश्चात 17 फरवरी 2026 को सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), अयोध्या मंडल को प्रेषित पत्र में जांच अधिकारी नामित किए जाने तथा जांच आख्या प्राप्त होने तक निस्तारण स्थगित रखने का अनुरोध किया गया। समयसीमा व्यतीत होने के बाद भी अंतिम रिपोर्ट सामने न आने से कर्मचारी संगठनों में असंतोष की स्थिति बताई जा रही है, हालांकि सभी पक्ष निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपेक्षा जता रहे हैं ताकि कार्यालय का वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहे। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2016 में भी इसी कार्यालय परिसर से जुड़ा विवाद पुलिस स्तर तक पहुंचा था, जिसकी चर्चा पुनः होने लगी है। इसी बीच एक अन्य प्रकरण का भी उल्लेख सामने आया है, जिसमें पूर्व में विकास तिवारी पटल सहायक व खंड शिक्षा अधिकारी गौरीगंज के विरुद्ध श्रीमती रेणु देवी प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पूरे रघुनाथ सिंह द्वारा एससीध्एसटी एवं महिला आयोग में शिकायत की गई थी। शिकायत पर जिलाधिकारी अमेठी द्वारा उप जिलाधिकारी गौरीगंज, जिला उपयुक्त गौरीगंज एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अमेठी को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच में लगाए गए आरोप सही ना पाए जाने तथा रेनू देवी द्वारा फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी किए जाने की पुष्टि होने की बात भी प्रकाश में आई, किंतु संबंधित मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई न होने की चर्चा भी की जा रही है।
फिलहाल सभी की निगाहें वर्तमान प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं अंतिम रिपोर्ट कब सार्वजनिक होगी, यह प्रमुख प्रश्न बना हुआ है। पारदर्शी एवं संतुलित निर्णय से ही कार्यालयीन व्यवस्था में विश्वास सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
