आगरा। ताज महोत्सव के अंतर्गत टाटा ग्राउण्ड, फतेहाबाद रोड स्थित आयोजन स्थल पर 20 से 22 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय 74वीं मण्डलीय फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में प्रकृति की इन्द्रधनुषीय छटा बिखेरने का आकर्षक प्रयास किया गया, जिसे देखकर दर्शक सहज ही अल्हादित हो उठे।
प्रदर्शनी का शुभारम्भ आयुक्त, आगरा मण्डल श्री नगेन्द्र प्रताप (आईएएस) ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुष्प प्रकृति की अनुपम देन हैं और फूलों एवं पेड़-पौधों का वातावरण को मनोहारी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि मण्डल स्तर पर आयोजित यह प्रदर्शनी ताज महोत्सव के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। उद्घाटन अवसर पर प्रकाशित उद्यान स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
प्रदर्शनी में 2575 उत्कृष्ट नमूने प्रदर्शित किए गए। विभिन्न स्टालों पर आकर्षक पुष्पों के साथ लगभग 45 प्रजातियों के मौसमी फूलों का प्रदर्शन किया गया। बहुरंगी सिनरेरिया के गमला समूह और विविध प्रजातियों की डहेलिया विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। गेंदा, गुलाब सहित अन्य पुष्प प्रजातियों का संकलन भी दर्शकों को खूब भाया।
पुष्प सज्जा, आकर्षक गुलदस्ते, मालाएं, बुके और फूलों के गमलों ने कला की अनुपम छटा बिखेरी। वहीं रंगोली और ब्रज थीम पर पुष्पों से सुसज्जित मॉडल प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण रहे।
शाकभाजी पंडाल में ब्रोकली, बेबीकॉर्न, मशरूम, कद्दू, गोभी, बैंगन, टमाटर, मटर सहित बेर, पपीता, अमरूद, संतरा और चाइना ऑरेंज जैसे फलों का प्रदर्शन किया गया। गमलों में सजी शाकभाजी के माध्यम से गृहवाटिका की उपयोगिता भी दर्शाई गई। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, उद्यान शाखा, आगरा द्वारा बोन्साई एवं औषधीय पौधों का विशेष पंडाल लगाया गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
अधीक्षक राजकीय उद्यान रजनीश पाण्डेय एवं उप निदेशक उद्यान मुकेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी में मण्डल के 1140 प्रतियोगियों ने भाग लिया। सर्वोत्तम पुष्प गमला समूह पुरस्कार (सिनरेरिया) राजकीय उद्यान टैंक नं. 4 को प्राप्त हुआ, जबकि सर्वोत्तम पुष्प डहेलिया एवं सर्वोत्तम फोलियेज गमला समूह का पुरस्कार राजकीय उद्यान जंगीखान, आगरा को मिला।
तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी ने न केवल प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं उद्यानिकी के प्रति जागरूकता का भी संदेश दिया।
