Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

पीलीभीतः पुलिस का बड़ा साइबर एक्शन! फर्जी कॉल सेंटर गिरोह ध्वस्त, 5 करोड़ 54 लाख 40000 हजार की ठगी का खुलासाः घुंघचाई थाना पुलिस की सर्जिकल कार्रवाई, 2 शातिर गिरफ्तार! भोपाल दिल्ली से संचालित हो रहा था फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क


पीलीभीत। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत घुंघचाई थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी कॉल सेंटर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय स्तर पर फैले साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसने ऑनलाइन गेमिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर अब तक करीब 5 करोड़  54 लाख 40 हजार 242 रुपये की ठगी को अंजाम दिया था।

पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव के कुशल निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ध्नोडल अधिकारी साइबर अपराध के नेतृत्व में घुंघचाई पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से पहचान छुपाकर फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे।

पुलिस विवेचना में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य सरगना तनीष उर्फ हर्षित भोपाल से और उसका साथी आशुतोष कुमार उर्फ आशु उर्फ पंकज दिल्ली से नेटवर्क संचालित कर रहा था। दोनों पहले दुबई में साइबर ठगी से जुड़े काम में सक्रिय रहे थे और मोटे मुनाफे के लालच में भारत लौटकर पीलीभीत क्षेत्र को अपना बेस बनाकर फर्जी कॉल सेंटर शुरू किया।

आरोपियों ने ंिपतचसंल247.हंउम जैसी वेबसाइट और फर्जी गेमिंग प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच दिया। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप कॉल, फर्जी सिम और फर्जी आईडी के जरिए देशभर के लोगों को संपर्क कर गेम खेलने और पैसे इन्वेस्ट करने के लिए उकसाया जाता था। शुरुआती तौर पर मामूली जीत दिलाकर भरोसा जीता जाता और फिर बड़ी रकम डलवाकर खातों से पैसा साफ कर दिया जाता।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल में करीब 50,000 से अधिक ऑनलाइन यूजर्स का डेटा मौजूद मिला है। इनमें से 11,739 नंबरध्यूजर आईडी पर लेन-देन के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने 07 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 01 पासपोर्ट और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट व बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। जब्त उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और बैंक खातों का खुलासा हो सके।

जांच में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के पीड़ित सामने आए हैं। पुलिस संबंधित राज्यों की साइबर सेल से समन्वय स्थापित कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन खातों और डिजिटल वॉलेट के जरिए इधर-उधर की गई।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश और कॉल के जरिए मिलने वाले मुनाफे के लालच से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या वेबसाइट के झांसे में न आएं और तुरंत  शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि साइबर अपराधियों के लिए अब  सुरक्षित ठिकाना नहीं रहा। आने वाले दिनों में नेटवर्क से जुड़े और नामों के सामने आने की पूरी संभावना है, जिससे साइबर ठगी के खिलाफ लड़ाई और तेज होगी।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |