अखिलेश यादव ने एक बार एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। ऐसे में चुनाव आयोग को बीजेपी का झंडा लगा लेना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने नंदलाल को एक लाख रुपये दिए। इसके साथ ही बताया कि नंदलाल के नाम से 26 फॉर्म भरे गए हैं, लेकिन उन्हें पढ़ना-लिखना ही नहीं आता।
पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने आरोप लगाया था कि नंदलाल के नाम पर कई फॉर्म भरे गए, उनके साइन किए जबकि इन्हें लिखना नहीं आता। अखिलेश ने पत्रकारों से कहा था कि जो नंदलाल को ढूंढ कर लायेगा उसे एक लाख रुपये देंगे। नंदलाल खुद उनके पास पहुंचे। ऐसे में अखिलेश ने उन्हें एक लाख रुपये दिए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नंदलाल धार्मिक आदमी हैं और अपने घर में मां दुर्गा का मंदिर बनवा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा, "फॉर्म 7 को लेकर हमने सवाल खड़े किए थे। सरकार ने कुछ एजेंसियां हायर की हैं, जो उन बूथों को ढूंढते हैं, जहां सपा जीती है, उन्हीं बूथों पर फॉर्म 7 जमा किये जा रहे हैं। ये सभी फॉर्म छपे हुए हैं। बिहार में एसआईआर के जरिए बीजेपी ने चुनाव जीता। बंगाल की सीएम को काला कोट पहनना पड़ा। चुनाव आयोग अपने आफिस में बीजेपी का झंडा लगा ले।" उन्होंने कहा कि द्वापर त्रेता के दशरथ और नन्दलाल से पोल खुल गई है। नन्दलाल का फॉर्म 7 भरवाया थाष अब वह खुद आए हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इनके साइन किये हैं। नन्दलाल देवी के भक्त हैं। देवी की ताकत की वजह से ही इनमें सामने आने की हिम्मत हुई है।
अखिलेश यादव ने अपनी मांग सामने रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग फॉर्म सात भरवाना तुरंत बंद करे। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विधान सभा में हमारे विधायक उठायेंगे। यूपी सरकार का आखिरी बजट है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि नंदलाल के नाम से छब्बीस फॉर्म जमा कराये गए थे। फॉर्म में नंदलाल के साइन थे। फॉर्म छपे हुए हैं। जबकि, नंदलाल अंगूठा लगाता है, उसे लिखना-पढ़ना नहीं आता।
