सोनभद्र। सोमवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के एल-2 भवन के गेट पर इकट्ठा होकर प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपा और शीघ्र मानदेय भुगतान कराने की मांग की। प्रिंसपल डाक्टर सुरेश कुमार सिंह और सीएमएस डॉक्टर तपन मंडल के आश्वासन पर सभी कर्मियों ने पुनः कामकाज शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन में आउटसोर्सिंग स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल थे। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वे सभी हड़ताल पर चले जाएंगे। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि तीन माह से वेतन न मिलने के कारण स्वास्थ्यकर्मी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्हें घर चलाने, राशन खरीदने और बच्चों की स्कूल फीस जमा करने में भारी परेशानी हो रही है। स्टॉफ नर्स प्रियंका ने चेतावनी दी कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो सभी स्वास्थ्य कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। स्टाफ नर्स सरस्वती ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से वेतन नहीं मिलता है और पूर्व में हुई बातचीत के आधार पर नियमानुसार भुगतान की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि वे स्थायी या संविदाकर्मियों के समान ही मेहनत और समय देते हैं, फिर भी उनके साथ भेदभाव किया जाता है। वेतन न मिलने के कारण उन्हें बच्चों की फीस और कमरे का किराया भरने जैसी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर महीने कर्ज लेना पड़ता है। इस प्रदर्शन में लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय और पेशेंट हेल्पर सहित विभिन्न आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल रहे। उधर इस सम्बन्ध में मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल सुरेश सिंह ने बताया कि आउट सोर्सिंग कम्पनी के संविदा कर्मचारियों का वेतन नहीं मिल सका है, जल्द ही कंपनी से बातचीत करके वेतन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सीएमएस डॉक्टर तपन मंडल ने कहा कि कर्मियों की समस्याओं को दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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