पीड़ित परिवारजनों का कहना था कि सरकार से उनको पर्याप्त मदद नहीं मिली अब अधिकारी उन पर तरह- तरह के दबाव बना रहे हैं।
सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने पहुचे मृतक के परिजन इस मामले में मृतकों के परिजनों के साथ प्रशासन का असंवेदनशील अपमानजनक व्यवहार उनके दुख को और बढ़ा रहा है। हम हर पीड़ित परिवार को 50 लाख की सहायता राशि और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ इन ग़रीब परिवारों को मिलना सुनिश्चित करने की पुरज़ोर माँग भाजपा सरकार से करते हैं। नाममात्र की क्षतिपूर्ति किसी परिवार का जीवन नहीं चला सकती है लेकिन ये बात केवल परिवारवाले ही समझ सकते हैं।
भाजपा शासन का सोनभद्र प्रशासन को दिये जा रहे प्रश्रय का ‘विशेष’ कारण क्या रहा, ये सब जानते हैं। ये गोरखधंधे का परस्पर लेनदेन है, जिसमें आम पीड़ित मारा जा रहा है। इस दुर्घटना के पीछे अवैध खनन का जो बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, उसमें नीचे ज़िलाधिकारी, खनन अधिकारी, खनन मालिक व उसके साझेदारों, विभाग व मंत्रालय और सबसे ऊपर तक की मिलीभगत की पूरी जाँच-पड़ताल हो। हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ के दुख-दर्द को सुनना, समझना और जितनी संभव हो सके उतनी मदद करना, यही हमारी कोशिश रहती है। भाजपा जाए तो ग़रीब का भला हो पाए। यह हादसा तब हुआ जब उसी समय मुख्यमंत्री घटना स्थल से मात्र 8 किलोमीटर दूर चोपन में आदिवासी गौरव दिवस मना रहे थे। पीड़ित परिवारजनों का कहना था कि सरकार से उनको पर्याप्त मदद नहीं मिली अब अधिकारी उन पर तरह- तरह के दबाव बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग से केवल 1,25,000 की मदद दी। पीड़ित परिवारों को मिली है।अखिलेश यादव ने मृतक आश्रितों के प्रति संवेदना जताते हुए खनन हादसे की निष्पक्ष जांच और पीड़ितों के साथ न्याय पर बल दिया। उन्होंने प्रति मृतक परिवार को 50 लाख रूपये की आर्थिक मदद तथा अन्य सरकारी सुविधाएं दिए जाने की मांग की। इनके नाम हैं। इंद्रजीत यादव, संतोष यादव,कृपा शंकर खरवार,राम खेलावन खरवार,राजू गोड़ तथा रविन्दर गोंड एवं गुलाब खरवार। पहले पांच मृतकों के परिवारीजन पार्वती यादव,गायत्री यादव, सरस्वती खरवार,बचिया देवी,मीना देवी,शोभनाथ यादव, इंद्रावती देवी,सूरज नारायण, भगवान गोंड, प्रेम खरवार तथा गंगा गोंड। मृतक रविंदर गोंड एवं गुलाब खरवार के परिजन नहीं आ सके थे। खनन हादसा में मृतकों के परिवारीजनों के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अविनाश कुशवाहा,लक्ष्मण यादव ग्राम प्रधान,रमेश सिंह यादव पूर्व चेयरमैन ओबरा,अखिलेश यादव जिज्ञासु,सुनील गोंड पूर्व प्रत्याशी ओबरा तथा सूबेदार गोंड आदि ने भी अखिलेश यादव से भेंट की।
