मध्य प्रदेश में पेयजल को लेकर NGT ने गठित की कमेटी! कड़े दिशा-निर्देश भी जारी
January 16, 2026
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), सेंट्रल ज़ोन बेंच, भोपाल ने मध्य प्रदेश के शहरों में सीवेज मिश्रित और दूषित पेयजल की आपूर्ति को जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए आज एक फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह (न्यायिक सदस्य) और ईश्वर सिंह (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने राज्य शासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सभी स्थानीय निकायों की जवाबदेही तय की है। एनजीटी ने निर्देश जारी किए हैं और आईआईटी इंदौर और सीपीसीबी को जांच करने को कहा है। राज्य के सभी कलेक्टरों और निगमायुक्तों को भी इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
