ICGS समुद्र प्रताप के मुरीद हुए PM मोदी, तारीफ में X पर किया पोस्ट
January 07, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय तट रक्षक जहाज ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग पर बुधवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है। पीएम मोदी ने कहा कि यह जहाज हमारी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाता है और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। ICGS समुद्र प्रताप गोवा शिपयार्ड लिमिटेड यानी कि GSL द्वारा बनाए गए 2 प्रदूषण नियंत्रण जहाजों में से पहला है, जिसे 5 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमीशन किया था।
पीएम मोदी ने 'X' पर लिखा, 'ICGS समुद्र प्रताप का कमीशनिंग कई कारणों से महत्वपूर्ण है। यह हमारी आत्मनिर्भरता की दृष्टि को मजबूती देता है, हमारी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देता है और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।' ICGS समुद्र प्रताप भारतीय तटर रक्षक के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक जहाज है। इसे वास्को डि गामा में स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। ICGS समुद्र प्रताप का निर्माण 23 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था। यह जहाज समुद्र में प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष रूप से बनाया गया है।
ICGS समुद्र प्रताप में आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियां हैं, जैसे साइड-स्वीपिंग आर्म्स, हाई-कैपेसिटी ऑयल रिकवरी सिस्टम, फ्लोटिंग बूम्स, एडवांस्ड स्किमर्स, एक समर्पित प्रदूषण नियंत्रण लैबोरेटरी और तेल के रिसाव को रोकने, इकट्ठा करने और स्टोर करने के लिए पोर्टेबल बार्जेस। समुद्री सुरक्षा और आग से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने के लिए जहाज में एक शक्तिशाली एक्सटर्नल फायर फाइटिंग सिस्टम (Fi-Fi Class 2) है, जो अन्य जहाजों या ऑफशोर इंस्टॉलेशन्स पर लगी बड़ी आग से निपट सकता है। इससे समुद्री आपात स्थितियों में शुरुआती मदद मिल सकती है।
जहाज में कई आधुनिक ऑटोमेशन और नेविगेशन सिस्टम हैं, जैसे डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम, इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम और ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम, जो कठिन मिशनों में सटीकता, बैकअप और दक्षता सुनिश्चित करते हैं। समुद्री सुरक्षा कार्यों के लिए, जहाज में 30 MM CRN-91 गन और 2 12.7 MM स्टेबलाइज्ड रिमोट-कंट्रोल्ड गन्स हैं, जो एडवांस्ड फायर-कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी हैं। अपनी उन्नत तकनीक और प्रदूषण-नियंत्रण तथा फायरफाइटिंग क्षमताओं के साथ, ICGS समुद्र प्रताप भारत की समुद्री आत्मनिर्भरता, जहाज निर्माण की उत्कृष्टता और समुद्र संरक्षण तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है।
