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ममता बनर्जी ने CJI सूर्यकांत से अपील की, BJP मंत्री के सामने बजी तालियां


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से सीधे अपील की है कि वे संविधान और लोकतंत्र को किसी भी खतरे से बचाएं. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां जानबूझकर नागरिकों को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं और मीडिया केस के फैसले से पहले ही ट्रायल कर रही है, जो लोगों की छवि खराब करता है.

ममता बनर्जी ने यह अपील 17 जनवरी 2026 को जलपाईगुड़ी में एक कार्यक्रम में की, जहां CJI सूर्यकांत खुद मौजूद थे. ममता बनर्जी ने CJI को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं CJI और सभी जजों से अनुरोध करती हूं कि हमारा संविधान किसी आपदा से बचाया जाए, हमारा लोकतंत्र सुरक्षित रहे. हमारी सुरक्षा, इतिहास, भूगोल और सीमाएं भी सुरक्षित रहनी चाहिए. मीडिया केस फाइनल होने से पहले ट्रायल नहीं करनी चाहिए. यह लोगों को बदनाम करने का ट्रेंड बन गया है. कृपया सुनिश्चित करें कि एजेंसियां जानबूझकर नागरिकों को बदनाम करने की कोशिश न करें. मैं यह अपने लिए नहीं कह रही, बल्कि मैं लोकतंत्र बचाने, लोगों को बचाने, न्यायपालिका को बचाने, देश को बचाने और संविधान को बचाने के लिए कह रही हूं. हम आपके संरक्षण में हैं. आप संविधान के संरक्षक हैं. आपके ऊपर कोई नहीं है.'

ममता बनर्जी ने जोर दिया कि न्यायपालिका, नागरिक, संविधान और मीडिया ये चार महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. उन्होंने नए जूनियर वकीलों की मदद की भी बात की, जो संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें फायदा नहीं मिल रहा.

यह कार्यक्रम जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नए भवन का उद्घाटन था, जो 2019 में बनना शुरू हुआ था. इससे पहले इस इलाके के लोगों को हाईकोर्ट के लिए कोलकाता तक 600 किमी की यात्रा करनी पड़ती थी. भवन 40.08 एकड़ में फैला है और 500 करोड़ से ज्यादा की लागत से बना है. यह न्यायिक विकेंद्रीकरण का प्रतीक है.

CJI सूर्यकांत ने कलकत्ता हाईकोर्ट और राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह 'परंपरा और 21वीं सदी की डिजिटल तेजी का सुंदर संयोजन' है. उन्होंने जजों की ईमानदारी को न्याय की नींव बताया.

इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे. उन्होंने केंद्र के ई-कोर्ट प्रोजेक्ट की बात की, जिसमें 7,210 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं.

यह अपील ऐसे समय में आई है जब ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच तनाव है. हाल ही में ED ने TMC से जुड़े राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC पर छापेमारी की थी, जिसमें ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया और दस्तावेज ले गईं थीं. ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें ममता और राज्य पुलिस पर जांच में बाधा डालने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताया है और नोटिस जारी किया है. ममता का कहना है कि एजेंसियां राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल हो रही हैं, खासकर 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले.

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