पीलीभीत। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जिरौनिया में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के पास स्थित तालाब में एक व्यक्ति का शव पानी में उतराता हुआ मिला। शव दिखाई देते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और कुछ ही मिनटों में मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।मृतक की पहचान महेंद्रपाल (40) पुत्र गोकुल प्रसाद के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री था। परिजनों के मुताबिक महेंद्रपाल मंगलवार शाम घर से यह कहकर निकले थे कि वह जंगरौली बाजार जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटे। देर रात तक जब कोई पता नहीं चला तो परिजन और रिश्तेदार रातभर इधर-उधर भटकते रहे। पूरी रात परिवार किसी अनहोनी की आशंका में तड़पता रहा।सुबह ग्रामीणों की नजर तालाब में उतराते शव पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। पास जाकर देखा गया तो वह शव महेंद्रपाल का था। यह दृश्य देख गांव वालों के होश उड़ गए। कुछ ही देर में तालाब किनारे भीड़ उमड़ पड़ी और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।सूचना मिलते ही सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी और सुनगढ़ी थाना प्रभारी नरेश त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि महेंद्रपाल शराब पीने का आदी था और मंगलवार शाम उसे नशे की हालत में देखा गया था। अब सवाल उठ रहा है कि यह हादसा है, आत्मघाती कदम या फिर किसी साजिश का नतीजा? फिलहाल परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है और न ही कोई तहरीर दी गई है।मृतक अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके दो बेटे और सात बेटियां हैं। अचानक हुई इस रहस्यमयी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। घर में मातम पसरा है और गांव में शोक के साथ-साथ गुस्से का माहौल भी देखा जा रहा है।सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों से पर्दा उठ सकेगा। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
