लखनऊ: गोशालाओं में सर्दी से बचाव के नहीं हैं पर्याप्त इंतजाम, ठिठुर रहे गोवंश! गौशालाओं की व्यवस्था के बारे में ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं होती
January 06, 2026
लखनऊ। राजधानी लखनऊ मलिहाबाद व बीकेटी सहित राजधानी के आठों विकासखंडों में संचालित सरकारी गोशालाओं में निराश्रित गोवंशों का बुरा हाल है। इस कड़ाके की सर्दी मैं भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसकी वजह से गोवंश ठिठुरने को मजबूर हैं। ऊपर से टिनशेड डाल दिया गया है, और तिरपाल भी दिखावे के लिए टीन शेड्स के चारों तरफ लटकाया गया है। जिससे इस समय चल रहीं शीतलहर से गौवंशों को बचाने के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। बचाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विधान केसरी की टीम ने बीकेटी विकासखंड के कठवारा,रैथा, इंदारा,सुबशीपुर, किशुनपुर में स्थित गोशाला की पड़ताल की, तो यह हकीकत सामने आई, यहां गंदगी की भरमार दिखाई दी, तथा खाने को मौके पर पुआल पड़ी हुई थी। वृहद गोशाला में गोवंशों के लिए हरे चारे की व्यवस्था नहीं हैं। पीने के पानी की कुंडी बनी हुई है, इनमें ठंडा पानी भरा रहता है। इसी को पीने के लिए गोवंश मजबूर हैं। बता दें कि आवारा गौवंशों को संरक्षित करने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जगह-जगह पर गौशाला स्थापित करवाई गई हैं। इन गौशालाओं की देखरेख के लिए सरकारों द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है लेकिन नतीजा दारक के तीन पात जैसा नजर आ रहा है। गौशालाओं में संरक्षित गौ वंश अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते नजर आ रहे अधिकारी भले ही गौशालाओं की सभी व्यवस्थाओं को चाक चैबंद रखने के लिए दिशा निर्देश है। देते रहते हो लेकिन जिम्मेदार लोगों की अनदेखी एवं खाऊ कमाऊ नीति के चलते बुरा हाल है। कहीं कड़ाके की ठंड में इन गौशालाओं में संरक्षित गौवंश ठिठुरते नजर आ रहे हैं तो कहीं सूखा भूसा खाकर अपना पेट भर रहे हैं। लगातार सूखा चारा खाने से गौवंशों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। ग्रामीण बताते हैं कि गौशालाओं की देखरेख करने वाले जिम्मेदारों की अनदेखी एवं कमाऊ नीति चलते इन दिनों गौशालाओं में संरक्षित गौवंश जहां कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को मजबूर हो यो हैं जही सुखा भूसा खाकर अपना पेट भर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा इस गौशाला में व्याप्त अनियमितताओं के बारे में वाई आर अधिकारियों से शिकायत भी की जा चुकी है।
