उंगली की स्याही नहीं, लोकतंत्र मिटाने का प्रयास-उद्धव ठाकरे
January 15, 2026
महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए आज मतदान हो रहा है, जिसमें सबसे बड़ा मुकाबला BMC यानी मुंबई महानगरपालिका को लेकर है। वोटिंग के बीच, उद्धव ठाकरे ने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों से मतदाताओं की उंगली से स्याही पोंछने की शिकायतें आ रही हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, "बीजेपी चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। स्याही पोंछने की शिकायतें आ रही हैं, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह केवल उंगली की स्याही नहीं, बल्कि देश की लोकशाही को मिटाने का प्रयास है।" उन्होंने आगे कहा कि संविधान कह रहा मतदान करो और चुनाव आयोग कह रहा है कि मतदान करके ही दिखाओ। वोटिंग के बाद मैंने कहा कि चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त किस बात की सैलरी ले रहे हैं? चुनाव प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ठाकरे ने बीजेपी पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी और उनके सहयोगियों ने फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं की व्यवस्था कर दी है, जिससे ईवीएम का खेल सफल हो सके। किसी महिला का नाम ‘देवेंद्र’ कैसे हो सकता है? इन सभी मुद्दों को लेकर हमने पहले ही विरोध जताया था।
प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें एमएमआर क्षेत्र के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग के एजेंट अपनी जेब पर बीजेपी उम्मीदवारों के नाम की पर्ची लगाकर घूमते नजर आ रहे हैं। ठाकरे ने सवाल किया, "चुनाव आयोग आखिर किसके लिए काम कर रहा है? सरकारी मशीनरी का खुला दुरुपयोग हो रहा है।"
बीजेपी पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उद्धव ने कहा, "हमारे उम्मीदवारों को करोड़ों रुपये के ऑफर दिए गए। मतदाताओं को डराया-धमकाया गया और खुलेआम पैसा बांटा गया। बीजेपी को किसी भी कीमत पर बीएमसी (BMC) की सत्ता चाहिए, इसलिए वे इस स्तर पर गिर गए हैं।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयुक्त और बीएमसी कमिश्नर को तत्काल निलंबित कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री गणेश नाईक तक अपना मतदान केंद्र नहीं ढूंढ पा रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ठाकरे ने घोषणा की कि अब पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चुनाव आयोग के दफ्तरों में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को तैनात करना पड़ेगा। उद्धव ने कहा, "हम हार के डर से नहीं, बल्कि बीजेपी की पोल खोलने के लिए यह कर रहे हैं। उनके पराजय के डर ने उन्हें इन ओछे हथकंडों पर उतरने को मजबूर कर दिया है।"
