बाराबंकी । आस्था, संस्कृति और विकास का सुंदर संगम एक बार फिर सिद्धेश्वर धाम में देखने को मिल रहा है। वंदन योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों से न केवल मंदिर की भव्यता में वृद्धि हुई है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और अनुभव को भी एक नई दिशा मिली है। मंदिर के आभूषण स्वरूप शिखर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कर उसे और आकर्षक बनाया गया है, जिससे प्राचीन धार्मिक विरासत का गौरव और निखर कर सामने आया है।श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मजबूत रेलिंग लगाई गई है। वहीं, पूरे परिक्रमा मार्ग से लेकर पार्क तक इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई हैं, जिससे दर्शनार्थियों का आवागमन अब और अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है। इन कार्यों से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिली है।योजना के अगले चरण में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को रोशन करने के लिए 90 वॉट की 25 हाई-टेक लाइटें लगाई जा रही हैं। सभासद दीपांशु निगम ने बताया कि इन लाइटों के स्थापित होने से पूरा परिसर शाम के समय उजाले से जगमगा उठेगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन में काफी सहूलियत मिलेगी और मंदिर की भव्यता रात में भी मन मोह लेगी।
सभासद दीपांशु निगम ने कहा कि उनका लक्ष्य सिद्धेश्वर धाम को एक मॉडल धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करना है। वंदन योजना के तहत हो रहे इन कार्यों से न केवल मंदिर का स्वरूप निखरा है, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है। यह विकास कार्य आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय समृद्धि की मजबूत नींव बनते जा रहे हैं।
