प्रतापगढ़। प्रयास राजकीय अक्षम विद्यालय बढ़नी मोहनगंज प्रतापगढ़ में मुख्य अतिथि के रुप में आयकर उपायुक्त जय प्रकाश शुक्ल ने कहा कि अष्टावक्र से लेकर सूरदास जगतगुरु रामभद्राचार्य से लेकर सुधा चंद्रा ने अपनी विद्वता साबित किया है जिस पर आज भी रिसर्च चल रहा है। आज भी भारत में तमाम ऐसे दिव्यांग साथी है जो समाज में अपना अहम स्थान रखते हैं। बच्चों को घबराने की जरुरत नही है लगन , मेहनत और कठीन परिश्रम के दम पर किसी भी लक्ष्य को प्रात कर सकते हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार आज दिव्यांगों के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं तथा साथ ही समाज भी आगे बढ़ चढकर साथ निभाने के लिए तैयार है।
“यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो शारीरिक अक्षमता कभी भी विकास के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती,” यह कहना है जिले के प्रख्यात समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य का।
प्रयास राजकीय अक्षम विद्यालय बढ़नी मोहनगंज में वस्त्र , खेलकूद सामग्री , फल, मिष्ठान एवं सेमिनार से दिव्यांगों के समक्ष चुनौतियां आगे श्री वैश्य ने संबोधित करते हुए कहा कि आज दिव्यांगजन शिक्षा, खेल, कला और रोजगार के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने सरकार और समाज से आह्वान किया कि दिव्यांग जनों को अधिक से अधिक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
रोशनलाल उमरवैश्य स्वयं वर्षों से दिव्यांगों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों के लिए आज कई योजनाएँ चल रही हैं, लेकिन जरूरत है सही जानकारी और समाज की सकारात्मक सोच की।
जिला कमांडेंट प्रीति शुक्ला ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को दया नही सम्मान और समानता की जरूरत है। जिसके दम पर वह आगे बढ़ सके। जिससे इन पर दिव्यांगों को ही नहीं समाज के सभी लोगों को गर्व हो।
श्री नारायण यादव ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
प्रयास राजकीय अक्षम विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बृजेश चैधरी ने कहा कि दिव्यांगों में अपार क्षमता विद्यमान है केवल इन्हें निखारने की जरूरत है।
कार्यक्रम के समय अनिरूद्ध नारायण तिवारी, अमिता कुशवाहा, दिनेश मौर्य, शंकर लाल, रमेश, कमर हुसैन, नितिन पाल, आदित्य कुमार, राज, प्रिन्स पाल, करन, रामू, अग्रज आदि उपस्थित है।
