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कहीं हाड़ कपा देने वाली ठंड और घने कोहरे की चादर, तो कहीं बारिश की पड़ने वाली है मार


भारत इस समय मौसम को लेकर दो चरम छोरों के बीच फंसा हुआ है। एक ओर जहां उत्तर भारत में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है और घने कोहरे की चादर में लिपटा है, तो दूसरी तरफ दक्षिण भारत पर बंगाल की खाड़ी में उठे गहरे अवदाब का खतरा मंडरा रहा है, जिससे भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर भारत की बात करें तो मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले 5-7 दिनों के दौरान जबकि मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अगले 2-3 दिनों के दौरान सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले 2-3 दिनों के दौरान शीत दिवस की स्थिति रहने की संभावना है।

उत्तर की ठंड के विपरीत दक्षिण भारत में समंदर की तरफ से आफत आ रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे अवदाब के कारण तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 10 और 11 जनवरी को भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश में भी बारिश की चेतावनी दी है।

देश की राजधानी दिल्ली में भी ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को दिल्ली-NCR में इस सर्दी की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। IMD ने चेतावनी दी है कि दिल्ली में आने वाले दिनों में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए आने वाले दिन मिले-जुले रहने वाले हैं। बिहार में जहां 10 और 11 जनवरी को 'शीत दिवस' की स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों में हल्की धूप निकलने से ठंड और कोहरे से मामूली राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप कम नहीं होगा। राजस्थान में 11 से 14 जनवरी के दौरान भीषण शीतलहर चलने की संभावना है। उधर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फानी हवाओं के साथ भारी पाला पड़ने के आसार हैं, जिससे सामान्य जनजीवन और फसलों पर असर पड़ सकता है।

कश्मीर घाटी इस समय अपनी सबसे कठोर सर्दियों की अवधि जिसे 'चिल्ला-ए-कलां' कहा जाता है, से गुजर रही है। श्रीनगर में शुक्रवार रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जिससे विश्व प्रसिद्ध डल झील के कई हिस्से पूरी तरह जम गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह बर्फीला दौर 29 जनवरी तक जारी रहेगा। 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जिससे रात के तापमान में और भी भारी गिरावट देखी जा सकती है। इसके बाद ही न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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