लखनऊः पारदर्शिता, अनुशासन और जनहित सुनिश्चित करने की दिशा में महापौर ने नगर आयुक्त और जलकल महाप्रबंधक को सख्त पत्र प्रेषित किया ! गृहकर व जलकर वसूली में अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
January 30, 2026
लखनऊ । नगर निगम प्रशासन में पारदर्शिता, अनुशासन और जनहित सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल ने शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार एवं जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह को एक सख्त पत्र प्रेषित किया। इस पत्र के माध्यम से गृहकर एवं जलकर वसूली प्रक्रिया में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं, अवैध वसूली तथा निजी व्यक्तियों की संलिप्तता पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।महापौर ने पत्र में उल्लेख किया कि गत दिनों सम्पन्न हुई सदन की बैठक में यह विषय प्रमुखता से उठाया गया था कि विभिन्न जोनों में कर निरीक्षक स्वयं फील्ड में न जाकर निजी व्यक्तियों से कार्य करा रहे हैं। इन निजी व्यक्तियों द्वारा भवन स्वामियों से अभद्र व्यवहार करने, अवैध धन उगाही करने तथा भय का माहौल बनाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सदन की बैठक में इस पर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रत्येक कर निरीक्षक अपने आवंटित वार्डों में नगर निगम का फोटोयुक्त पहचान-पत्र लगाकर स्वयं फील्ड में जाएं और नियमानुसार गृहकर निर्धारण एवं वसूली की प्रक्रिया पूरी करें।पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि गृहकर निर्धारण या वसूली के कार्य हेतु किसी वार्ड में कोई निजी व्यक्ति भेजा जाता है, तो संबंधित कर निरीक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके बावजूद, दिनांक 29-01-2026 को आयोजित जनता दर्शनध्जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान पुनः इस प्रकार के गंभीर प्रकरण संज्ञान में आए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। महापौर द्वारा अवगत कराया गया कि शिकायतों के अनुसार कुछ कर निरीक्षक अपने आवंटित वार्डों में भवनों का नियम विरुद्ध अधिक वार्षिक मूल्यांकन कर रहे हैं। इसके पश्चात उस बढ़े हुए मूल्यांकन को कम कराने के नाम पर निजी व्यक्तियों के माध्यम से भवन स्वामियों से अवैध धन की उगाही की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासन की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य है।इसी क्रम में एक अन्य गंभीर प्रकरण का भी उल्लेख किया गया, जिसमें जलकल विभाग के एक कर्मचारी द्वारा जलकर (वॉटर टैक्स) का बिल अनावश्यक रूप से बढ़ाकर भेजा गया और उसे कम करने के नाम पर हजारों रुपये की अवैध मांग की गई। इस घटना ने जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।महापौर ने अपने पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गृहकर एवं जलकर वसूली कार्य में लगे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक स्थिति में अपने फोटोयुक्त पहचान-पत्र के साथ ही फील्ड में जाएं। बिना पहचान-पत्र के किसी भी व्यक्ति द्वारा वसूली या निरीक्षण कार्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि गृहकर या जलकर वसूली से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, या बिना पहचान-पत्र कोई व्यक्ति कार्य करते हुए पाया जाता है, तो संबंधित जोनल अधिकारी अथवा अभियंता के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए प्रशासन बाध्य होगा।
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