कर्नलगंज/ गोण्डा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले हलधरमऊ विकास खंड क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर गंभीर गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई ग्राम पंचायतों में मृतकों, बाहरी लोगों और शादीशुदा बेटियों के नाम सूची में दर्ज किए जाने के साथ-साथ वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोप लगे हैं। सबसे गंभीर मामला पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मतदाता सूची में आपत्ति दाखिल करने का सामने आया है।
बमडेरा ग्रामसभा के पूर्व प्रधान अजय कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में 21 वैध नाम छूट गए, जबकि 57 ऐसे नाम शामिल कर दिए गए जो या तो मृत हैं या गांव से बाहर रह रही शादीशुदा महिलाएं हैं। इन नामों को हटाने और 20 डबल नामों के संशोधन के लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था,लेकिन वह पत्र रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। आरोप है कि इसके बाद उनके फर्जी हस्ताक्षर कर 45 नाम जोड़ने का दूसरा प्रार्थना पत्र विपक्षियों द्वारा दाखिल कर दिया गया। चकसेनिया गांव के संजय तिवारी ने बताया कि गांव में 40 मृत लोगों के नाम हटाने के लिए आपत्ति दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशि तिवारी का नाम तक बदल दिया गया है। कपूरपुर के पूर्व प्रधान रामनाथ दूबे ने बताया कि बटौराबख्तावर गांव के 50 लोगों को फर्जी तरीके से यहां की मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया है,जिनमें से करीब 30 लोग गांव के निवासी ही नहीं हैं। इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई गई है। भुलभुलिया गांव की ग्राम प्रधान रश्मि सिंह ने बताया कि बेवजह 12 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत कैथौला में आबादी 2100 होने के बावजूद मतदाता सूची में 2302 नाम दर्ज पाए गए हैं। ग्राम प्रधान सीमा साहू ने बताया कि उनके पति संतराम साहू समेत 83 लोगों के नाम सूची से गायब हैं। परसा गोड़री गांव के पूर्व प्रधान नंदकिशोर ओझा ने बताया कि उनकी ग्रामसभा में 400 डबल नाम, 100 बाहरी और 100 शादीशुदा बेटियों के नाम दर्ज हैं, जबकि उनकी चाची शिवकांति का नाम सूची से काट दिया गया है। रेरुवा गांव के पूर्व प्रधान विनय कुमार ओझा ने भी 20 डबल नाम और पांच शादीशुदा महिलाओं के नाम दर्ज होने की आपत्ति दी है। भैरमपुर गांव की प्रधान अरुणिमा मिश्रा ने बताया कि उनके ससुर राजेंद्र मिश्रा समेत 20 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। मामले में एडीओ पंचायत राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि ब्लॉक स्तर पर कोई त्रुटि हुई है तो उसके समाधान के लिए टीम गठित कर दी गई है। वहीं एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिन गांवों से दावा-आपत्ति प्राप्त हुई है, वहां लेखपालों के माध्यम से जांच कराई जा रही है और जो नाम वास्तविक होंगे, वही अंतिम मतदाता सूची में शामिल रहेंगे। इधर कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी शिक्कुमार दुबे ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब मतदाता सूची की शुद्धता और पंचायत चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
