शुकुलबाजार: कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासनिक इंतजाम नदारद
January 08, 2026
शुकुलबाजार/अमेठी। क्षेत्र में इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि दिन में भी ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है, जबकि रात की भीषण सर्दी लोगों की नींद उड़ा रही है। ठंड का असर सबसे अधिक बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों पर देखने को मिल रहा है। लगातार गिरते तापमान और ठंडी हवाओं के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। बाजारों में रौनक कम हो गई है और सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरतमंद लोग ठंड से बचने के लिए इधर-उधर अलाव की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इतनी भीषण ठंड के बावजूद प्रशासन द्वारा क्षेत्र के प्रमुख चैराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल ठंड के मौसम में अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार प्रशासन की उदासीनता साफ नजर आ रही है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अलाव की व्यवस्था कराने और ठंड से बचाव के अन्य इंतजाम करने की मांग की है, ताकि गरीब, असहाय और राहगीरों को कुछ राहत मिल सके। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो ठंड के चलते जनहानि की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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