सुलतानपुरः कोर्ट ने थाना प्रभारी चांदा एवं दरोगा को कड़ी चेतावनी के साथ किया तलब
January 08, 2026
सुलतानपुर। 34 साल पुराने सड़क दुर्घटना से जुड़े मुकदमे में गैरहाजिर चल रहे मेरठ जिले के आरोपी के खिलाफ जारी एनबीडब्ल्यू तामील कराने में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी अमित मिश्र एवं दरोगा अवधेश यादव के खिलाफ एसीजेएम शुभम वर्मा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने वीआईपी ड्यूटी में लगे होने की रिपोर्ट भेज कर लगातार वारंट तामील कराने में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने थाना प्रभारी व दरोगा को नौ जनवरी के लिए व्यक्तिगत रूप से उच्चाधिकारियों के आदेश एवं स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है। आदेश का पालन नहीं करने पर कोर्ट ने अवमानना के कार्यवाही की भी चेतावनी दी है। चांदा थाने के कोथरा के रहने वाले वादी राजेंद्र प्रताप सिंह ने 12 अप्रैल साल 1991 की घटना बताते हुए सड़क पार कर रही एक औरत को कुचल कर मार डालने के आरोप में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में मेरठ जिले के सुभाष पुरी के रहने वाले आरोपी रामकरन का नाम प्रकाश में आया और उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र भी पेश हुआ। यह मामला करीब 34 साल से अदालत में लम्बित है,लेकिन अभी निस्तारण नहीं हो सका है। मामले में आरोपी रामकरन लगातार गैरहाजिर चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने एसओ चांदा को आदेश जारी किया था। मामले में जारी एनबीडब्ल्यू तामील कराने की जिम्मेदारी एसओ चांदा की देखरेख में एसआई अवधेश यादव को दी गई थी, लेकिन कई तिथियो से चांदा थाने की पुलिस वीआईपी ड्यूटी एवं शांति व्यवस्था ड्यूटी में लगे होने की वजह बताकर एनबीडब्ल्यू तामील नहीं हो पाने की रिपोर्ट भेजती रही। अदालत ने उनकी इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए लगातार इतने समय तक वीआईपी ड्यूटी व अन्य कार्यो में लगे होने संबंधी साक्ष्यों एवं पुलिस अधीक्षक व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अग्रसारण के साथ स्पष्टीकरण पेश करने का आदेश देते हुए व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। अदालत ने आदेश का अनुपालन करने में जरा भी लापरवाही बरतने पर अवमानना व अन्य कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
