अमेठी। शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जनपद में आमजन को राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सभी नगर निकाय क्षेत्रों में रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था कराई गई है। इसी क्रम में आज रात्रि जिलाधिकारी संजय चौहान ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अर्पित गुप्ता, उप जिलाधिकारी गौरीगंज प्रीति तिवारी एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गौरीगंज के साथ गौरीगंज क्षेत्र में संचालित रैन बसेरे एवं विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जल रहे अलाव का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम असैदापुर स्थित रैन बसेरा का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शौचालय, किचन, पेयजल व्यवस्था, अलाव, बिस्तर सहित समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया तथा आंगतुक रजिस्टर का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने रैन बसेरे में ठहरे लोगों से संवाद कर उनका हाल-चाल जाना एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया कि रैन बसेरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर रैन बसेरों से संबंधित बैनर लगाए जाने के निर्देश दिए, जिससे जरूरतमंद लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। इसके साथ ही ई-रिक्शा एवं टेंपो चालकों के साथ बैठक कर उन्हें रैन बसेरों की जानकारी देने तथा जरूरतमंद लोगों को वहां तक पहुंचाने में सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों में आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी तिराहा एवं बस स्टेशन पर जल रहे अलाव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। निरीक्षण में सभी स्थानों पर अलाव जलते हुए पाए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी चिन्हित स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में लकड़ी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि शीतलहर के दौरान किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद के सभी नगर निकायों में कुल 13 रैन बसेरे संचालित किए गए हैं। इनमें अमेठी में 4, गौरीगंज में 3, मुसाफिरखाना में 3 तथा तिलोई में 3 रैन बसेरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के लगभग 108 सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं, जिससे ठंड से बचाव करते हुए आमजन, यात्री एवं श्रमिकों को राहत मिल सके। अंत में जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि शीतलहर के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए तथा नगर निकायों द्वारा संचालित रैन बसेरों का ही आश्रय लें। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शीतलहर से बचाव हेतु लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।

