यूपी में राजनीतिक हलचल! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच हुई मीटिंग
January 05, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात पूरी हो गई है. यह मुलाकात लगभग आधा घंटे तक चली. इस बैठक में यूपी में होने वाले कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा हुई. बताया गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा, ताकि सभी वर्गों और इलाकों को प्रतिनिधित्व मिल सके. इसके अलावा SIR को लेकर भी बातचीत हुई. चर्चा में यह बात सामने आई कि SIR के दौरान कई ऐसे नाम कट गए हैं, जो परंपरागत रूप से बीजेपी के मजबूत माने जाने वाले इलाकों से जुड़े हैं. इसे लेकर चिंता जताई गई.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व की लगातार चेतावनी के बावजूद जमीनी स्तर पर कई नेताओं ने SIR को लेकर उतनी गंभीरता नहीं दिखाई, जितनी जरूरी थी. इसी वजह से इस मुद्दे पर बैठक में खास तौर पर मंथन किया गया. वहीं, आज शाम 3:30 बजे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जेपी नड्डा से भी भेंट करेंगे. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
योगी आदित्यनाथ के वर्तमान मंत्रिमंडल में पहले 54 मंत्री थे, जिनमें से 6 पद खाली थे. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद दो और मंत्रियों जितेंद्र प्रसाद और अनूप प्रधान को केंद्र में मंत्री बनाया गया, जिससे मंत्रिमंडल में कई पद फिर से खाली हो गए हैं. माना जा रहा है कि प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को नई मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है. इसके अलावा कुछ मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है और संगठन के कुछ चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है
कुछ राज्य मंत्रियों का कद बढ़ सकता है और उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है. साथ ही बोर्ड और निगमों में भी नए चेहरों का समायोजन हो सकता है. माना जा रहा है कि पश्चिम यूपी का प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है क्योंकि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पूरब से हैं. हाल में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक का असर भी मंत्रिमंडल पर दिखाई दे सकता है. 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए पश्चिमी यूपी के कई चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. पार्टी का मुख्य उद्देश्य 2027 चुनाव से पहले एक मजबूत टीम तैयार करना है.
