‘डबल स्टैंडर्ड’ का आरोप, वॉशिंगटन सुंदर के मामले पर गौतम गंभीर पर बरसे मोहम्मद कैफ
January 13, 2026
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे के बाद टीम इंडिया के मैनेजमेंट को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. चोटिल वॉशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी के लिए भेजने के फैसले पर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने खुलकर नाराजगी जताई है. कैफ ने इस फैसले को गलत बताते हुए हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के डबल स्टैंडर्ड्स पर सवाल उठाए हैं.
वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में भारत को 301 रनों का लक्ष्य मिला था. मैच के अहम समय में वॉशिंगटन सुंदर चोटिल होने के बावजूद बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे. सुंदर ने 7 गेंदों में नाबाद 7 रन बनाए और केएल राहुल के साथ मिलकर भारत को जीत तक पहुंचाया. हालांकि मैच के तुरंत बाद सुंदर को पूरी सीरीज से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह आयुष बदोनी को टीम में शामिल किया गया.
मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस पूरे मामले पर बात करते हुए टीम मैनेजमेंट पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. कैफ ने याद दिलाया कि जब शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चोटिल हुए थे, तब उन्हें पूरी तरह आराम दिया गया था. कोलकाता टेस्ट में गिल बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे, जबकि टीम को 20-30 रनों की जरूरत थी. ऐसा इसलिए किया गया ताकि उनकी चोट न बढ़े. कैफ के मुताबिक, वही सोच वॉशिंगटन सुंदर के मामले में नहीं अपनाई गई, जो गलत है
कैफ ने माना कि भारत ने मैच जीत लिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सुंदर को बल्लेबाजी करने भेजने का फैसला सही था. उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी चोटिल हो और दबाव की स्थिति में बल्लेबाजी करने उतरे, तो उसकी चोट और गंभीर हो सकती है. सुंदर डबल रन नहीं ले पा रहे थे और सिर्फ सिंगल रन पर निर्भर थे, जिससे साफ दिख रहा था कि वह पूरी तरह फिट नहीं हैं.
कैफ का मानना है कि उस समय टीम के पास दूसरे विकल्प भी थे. अगर रन रेट रन प्रति गेंद के आसपास था, तो कुलदीप यादव, सिराज या प्रसिद्ध कृष्णा जैसे किसी भी खिलाड़ी को भेजा जा सकता था. चोटिल खिलाड़ी को तभी भेजना चाहिए, जब कोई और रास्ता न बचे.
कैफ ने साफ शब्दों में कहा कि सुंदर को बल्लेबाजी के लिए भेजना एक गलत और जोखिम भरा फैसला था. इससे एक हफ्ते या दस दिन की चोट 20-25 दिन तक खिंच सकती है.
