संग्रामपुर: डीएम साहब! खारा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
January 05, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। जिले के विकास खंड संग्रामपुर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के लगभग 400 से 500 परिवार को आज भी बाहर से पानी लाकर भोजन पकाना पड़ता है। यहां पर पानी पूरी तरह नमकीन हो गया है।जिसका प्रभाव कृषि,पीने योग्य जल, मिट्टी, वनस्पति,जलीय जीवन जैसी कई क्षेत्रों में प्रभावित हो रहे हैं। नमकीन पानी के उपयोग से मिट्टी की उर्वरकता कम हो रही है जिसके कारण फसल बर्बाद हो रही है।मीठा पानी दूषित हो रहा है और यहां के विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को नमकीन पानी पीना पड़ रहा है। संग्रामपुर क्षेत्र के करनाईपुर गांव है जिसमें लगभग आधा दर्जन गांव के पुरवे के लगभग 300से 400 परिवार नमकीन पानी से प्रभावित हैं गांव निवासी रोहित सिंह ने बताया कि संग्रामपुर विकास खंड का यह ग्राम सभा करनाई पुर की जगह नमकीन पुर रखा जाता तो ठीक रहता उन्होंने बताया कि करीब 50 फीसदी से अधिक परिवार मीठा पानी के लिए तरस रहे हैं। करोड़ों की लागत से बनाई गई पानी की टंकी का भी लाभ नहीं मिल रहा है यही कारण है कि आज भी इन परिवारों को दूर से मीठा पानी लाकर भोजन बनाना पड़ता है।ग्रामसभा करनाईपुर के नोनरा, रानीपुर, अम्मरपुर, शिवपुर, भगतपुर, करनाईपुर गांव नमकीन पानी पीकर गुजारा कर रहा है।इन गांव के बीच 4 परिषदीय विद्यालय है जिसमें पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। दूषित पानी बच्चे पीते हैं। संग्रामपुर में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी संग्रामपुर शशांक मिश्रा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि प्राकृतिक समस्या है।इस गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी लाल शशिकांत सिंह ने जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि पेयजल की समस्या है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं लागू हो सका है। कृषि अधिकारी से जानकारी की ली गई तो उन्होंने भी लगभग 40 से 50 बीघे कृषि भूमि के सिंचाई का साधन नमकीन पानी ही बताया। फिलहाल संग्रामपुर क्षेत्र में करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी का लाभ नहीं मिल रहा है और नमकीन दुषित पानी स्कूली बच्चे आज भी पी रहे हैं।इस समस्या का समाधान न होने के कारण आज बच्चे बीमार - दुबले-पतले और रोगी हो रहे हैं। यहां के भैंस -गाय के दूध भी नमकीन हो जा रहा है।
