बाराबंकी । धर्म, संस्कृति और ज्योतिष परंपरा को मजबूत करने की दिशा में पहल करते हुए ज्योतिर्विद परिषद का गठन भावनात्मक एवं गरिमामयी वातावरण में मंगलवार को किया गया। पंचमदास कुटी, हैदरगढ़ रोड स्थित धाम में आयोजित कार्यक्रम में ज्योतिषियों, पांडित्यकर्मियों, संतों एवं धर्मसेवकों की सर्वसम्मति से राकेश कांत शुक्ल( अधिवक्ता) को एक वर्षीय कार्यकाल के लिए परिषद के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया।यह मनोनयन धर्मजागरण बाराबंकी धाम उत्तर प्रदेश के संयोजक अमित अवस्थी अधिवक्ता द्वारा सरदार भूपेंद्र सिंह, प्रधान गुरु सिंह सभा लाजपतनगर, लोधेश्वर महादेवा मंदिर के मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी एवं ज्योतिर्विद परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष उमाकांत द्विवेदी अधिवक्ता के प्रस्ताव पर किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयोजक अमित अवस्थी ने कहा कि ज्योतिर्विद परिषद का प्रमुख उद्देश्य जनपद का “एकमत पंचांग” जारी करना है, जिससे हिंदू तीज-त्योहारों और स्थानीय अवकाशों को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने कहा कि यह पहल सनातन परंपरा को संगठित रूप देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।नवमनोनीत अध्यक्ष राकेश कांत शुक्ल ने अपने भावपूर्ण संबोधन में कहा कि ज्योतिष केवल आस्था नहीं, बल्कि एक विज्ञान है। जो लोग इसे नहीं समझते वही इसका उपहास करते हैं, जबकि जीवन के बड़े निर्णयों में सभी किसी न किसी रूप में ज्योतिष का सहारा लेते हैं। ज्योतिषीय गणनाएं पंडितों, संतों और हिंदू समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं।कार्यक्रम में बलजीत अरोड़ा, शलभ द्विवेदी, राजेंद्र प्रसाद यादव, बिहारी लाल अवस्थी, युगल किशोर दीक्षित, जयकृष्ण मिश्र, अंबुज कुमार मिश्र, शैलेंद्र गुप्त, हिमांशु पांडेय, सुरेश गौतम, गिरजाकांत शर्मा, डॉ. तेज नारायण वर्मा, प्रताप नारायण वर्मा, धर्मेंद्र मिश्र, भगवत शरण शुक्ल, नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, महाराज दीन वर्मा, संदीप कृष्ण भारद्वाज, देवकीनंदन पाठक सहित बड़ी संख्या में धर्मसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम श्रद्धा, एकता और सनातन चेतना के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसमें ज्योतिष परंपरा को जनपद स्तर पर नई दिशा देने का संकल्प लिया गया।
