अमेठी। माह दिसंबर 2025 की मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से संबंधित विकास कार्यक्रमों की प्रगति पुस्तिका में जनपद अमेठी के विभिन्न विभागों द्वारा अपेक्षित प्रदर्शन न किए जाने को मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह द्वारा अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। उक्त प्रगति रिपोर्ट के अनुसार समाज कल्याण विभाग में बी एवं डी ग्रेड, पंचायती राज विभाग में सी ग्रेड, उद्योग विभाग में बी एवं डी ग्रेड, नियोजन विभाग में बी ग्रेड, महिला एवं बाल विकास विभाग में बी ग्रेड तथा मत्स्य विभाग में डी ग्रेड प्राप्त हुआ है, जो शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप नहीं पाया गया।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है तथा इसमें जनपद की रैंकिंग सीधे तौर पर विभागीय कार्यों की गुणवत्ता, लक्ष्य उपलब्धि एवं सतत अनुश्रवण को परिलक्षित करती है। उक्त ग्रेडिंग से यह परिलक्षित होता है कि संबंधित कार्यक्रमों में कहीं न कहीं लक्ष्य प्राप्ति में शिथिलता, अनुश्रवण में कमी एवं विभागीय समन्वय का अभाव रहा है, जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद के संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों का माह जनवरी 2026 का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोके जाने का निर्देश निर्गत किया गया है। यह निर्णय इस स्पष्ट निर्देश के साथ लिया गया है कि जब तक संबंधित विभागों की ग्रेडिंग मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर ए ग्रेड में नहीं आ जाती, तब तक उक्त अधिकारियों का वेतन बाधित रहेगा।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने-अपने कार्यक्रमों में अपेक्षित सतर्कता, नियमित समीक्षा एवं लक्ष्य आधारित कार्य निष्पादन नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप जनपद की ग्रेडिंग प्रभावित हुई। यह कार्रवाई अधिकारियों में उत्तरदायित्वबोध सुनिश्चित करने तथा शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से की गई है। जिसमे
विकास मौर्या, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी,मनोज त्यागी, जिला पंचायत राज अधिकारी,दिनेश चौरसिया, उपयुक्त उद्योग,पन्ना लाल, जिला अर्थ एवं संख्या कल्याण अधिकारी (बी),नीरज श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी (ए),संतोष श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी वा अनिल कुमार, सहायक निरीक्षक (मत्स्य) का बेतन रोका गया है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना पुनः तैयार कर, सूचकांकों के अनुसार बिंदुवार समीक्षा सुनिश्चित करें, फील्ड स्तर पर कार्यों की प्रगति बढ़ाएं तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग को शीघ्रातिशीघ्र ए ग्रेड में लाने हेतु ठोस एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही करें।
यह स्पष्ट किया गया है कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी लापरवाही पाए जाने पर इसी प्रकार की कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
