पीलीभीत। जनपद में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के वातावरण में गरिमामय ढंग से मनाया गया। इस पावन अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर, रिजर्व पुलिस लाइन, औद्योगिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थानों एवं विभिन्न शासकीय व अर्द्धशासकीय कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर संविधान एवं राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का संकल्प लिया गया। संपूर्ण जनपद देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह द्वारा विधिवत राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान गाया गया, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक रूप से संकल्प दिलाया और लोकतांत्रिक मूल्यों के पालन का आह्वान किया।कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे विस्तृत और सशक्त संविधान है, जिसने प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक समानता का अधिकार प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि संविधान केवल अधिकार ही नहीं देता, बल्कि हमें कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। हम सभी का दायित्व है कि बिना किसी भेदभाव के ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प की सिद्धि तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए। इसी दिशा में जनपद एवं उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन और सुशासन आवश्यक है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि पीलीभीत को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जनपद बनाने में सहभागी बनें।
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक रहा। इसके अतिरिक्त विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन में भव्य परेड एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (गन्ना विकास एवं चीनी मिलें, उत्तर प्रदेश) संजय सिंह गंगवार द्वारा ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई तथा आकर्षक परेड का मान प्रणाम लिया गया।राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए समाज एवं देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से प्रेरित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें देशप्रेम, वीरता और एकता का संदेश झलकता रहा। दर्शकों ने कार्यक्रमों की मुक्त कंठ से सराहना की।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव द्वारा समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को देश की एकता, अखंडता एवं आंतरिक सुरक्षा की रक्षा हेतु संविधान की शपथ दिलाई गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवा मेडल, शील्ड, मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस दौरान डीआईजी ध् एसपी अभिषेक यादव को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त “महाकुंभ सेवा मेडल” से सम्मानित किया जाना गर्व का विषय रहा।
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में 04 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 10 ट्राइसाइकिल, 03 व्हीलचेयर एवं 02 श्रवण यंत्र वितरित किए गए।
साथ ही कृषक जितेन्द्र कुमार एवं मंदीप कौर को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की गई, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
राज्यमंत्री द्वारा औद्योगिक क्षेत्र भरापचपेड़ा स्थित ए0बी0 मौरी यीस्ट फैक्ट्री में 100 फीट ऊँचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। उन्होंने कहा कि यह उद्योग क्षेत्र के औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी अमरिया, दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।
