बड़ी सफलता! 50 लाख के इनामी माओवादी कमांडर सुक्का ने किया सरेंडर
January 02, 2026
तेलंगाना पुलिस को माओवादी उग्रवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. माओवादी पार्टी का एक शीर्ष कमांडर और चंद्रपुल-पूर्ववर्ती क्षेत्र का सबसे वांछित नक्सली बरसे देवा, जिसे उर्फ 'सुक्का' के नाम से जाना जाता है, पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. इस खबर ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हड़कंप मचा दिया है. बरसे देवा पर प्रशासन की तरफ से कुल 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और उसके आत्मसमर्पण को आंतरिक सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बरसे देवा ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और वर्तमान में वह पुलिस की हिरासत में है. इस ऑपरेशन को और भी बड़ी सफलता बनाने वाली बात यह है कि बरसे देवा के साथ 15 अन्य माओवादियों ने भी हथियार डाल दिए हैं. यह समूह दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय था और पिछले कई वर्षों से सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ था.
बरसे देवा की प्रोफाइल काफी खतरनाक रही है. वह देश के सबसे खतरनाक नक्सली नेता माड़वी हिडमा का करीबी सहयोगी रहा है. हिडमा, जो बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों का मास्टरमाइंड माना जाता है. हिडमा के साथ बरसे ने कई बड़े ऑपरेशन्स को अंजाम दिया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों नेताओं का संबंध केवल संगठन तक ही सीमित नहीं था, बल्कि दोनों छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पूर्ववर्ती गांव के रहने वाले हैं और एक ही गांव से आते हैं. यह गहरा सांस्कृतिक और क्षेत्रीय संबंध उन्हें संगठन में और मजबूत बनाता था.
इस आत्मसमर्पण को माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े नेता के साथ 15 अन्य कैडर के सरेंडर करने से संगठन की मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर होगी. फिलहाल, पुलिस बरसे देवा से पूछताछ कर रही है ताकि हिडमा और अन्य शीर्ष नेताओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सके. इस कार्रवाई से दंडकारण्य क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया है
