21 से 26 जनवरी तक दिल्ली एयरपोर्ट रहेगा बंद
January 13, 2026
अगर आप 21 जनवरी से 26 जनवरी के बीच दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. गणतंत्र दिवस परेड, उसकी रिहर्सल और उससे जुड़ी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते दिल्ली का हवाई क्षेत्र (Airspace) इन 6 दिनों तक रोज कुछ घंटों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. इसका सीधा असर दिल्ली आने-जाने वाली सैकड़ों उड़ानों पर पड़ सकता है.
सरकार की ओर से NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर दिया गया है, जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि तय समय के दौरान न तो कोई विमान दिल्ली में लैंड कर सकेगा और न ही यहां से टेक-ऑफ कर पाएगा. चूंकि दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, इसलिए इस बंदी का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश-विदेश की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी प्रभावित होंगी.
NOTAM के मुताबिक 21 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक हर दिन सुबह 10:20 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक दिल्ली के ऊपर से सभी तरह की उड़ानों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी. इस दौरान कोई भी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड नहीं करेगी. कोई भी विमान दिल्ली से टेक-ऑफ नहीं कर पाएगा. यह व्यवस्था गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल, अभ्यास और 26 जनवरी के मुख्य समारोह में होने वाले वायुसेना के फ्लाईपास्ट और VVIP मूवमेंट को ध्यान में रखकर की गई है.
हर साल गणतंत्र दिवस से पहले और 26 जनवरी को दिल्ली में बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है. इस दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट का अभ्यास करते हैं. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी मेहमानों की मौजूदगी रहती है. किसी भी तरह की हवाई चूक से बचने के लिए एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है. इसी वजह से NOTAM जारी कर एयरलाइंस और पायलट्स को पहले से सूचित किया जाता है, ताकि वे अपने उड़ान संचालन की योजना बदल सकें.
दिल्ली एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों को इन दिनों कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. उड़ानों पर संभावित असर देखने को मिल सकता है. कई फ्लाइट्स के डिपार्चर और अराइवल टाइम बदले जा सकते हैं. कुछ उड़ानें रद्द (Cancel) या री-शेड्यूल हो सकती हैं. कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को अतिरिक्त दिक्कत हो सकती है. पहले से चल रहे कोहरे (Fog) के कारण देरी और ज्यादा बढ़ सकती है. एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम (Cirium) के मुताबिक, इस अवधि में 600 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. दिल्ली एयरपोर्ट से रोज़ लाखों यात्री सफर करते हैं और बड़ी संख्या में इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी यहीं से जुड़ती हैं.
