एटा। साइबर ठगों की दरिंदगी थमने का नाम नहीं ले रही है। थाना मिरहची क्षेत्र के गांव पिथनपुर में रहने वाली एक गरीब दिव्यांग महिला को साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर इतना डराया-धमकाया कि वह ब्याज पर पैसा लेने, जेवर गिरवी रखने और भूखे रहने तक को मजबूर हो गई।ठगों ने महिला से कुल 55 हजार रुपये अपने खातों में डलवा लिए।
पीड़िता को फोन कर ठगों ने बताया कि उसके नाम से 15 लाख रुपये नकद, कीमती ज्वेलरी और मोबाइल फोन का पार्सल आया है।
जिसे एयरपोर्ट पर पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोप लगाया गया कि पार्सल में बिल नहीं है और मामला गंभीर अपराध का है। ठगों ने क्यूआर कोड भेजकर तुरंत पैसे जमा कराने का दबाव बनाया।डरी-सहमी महिला ने पहले साहूकार से ब्याज पर रुपये लेकर ठगों के बताए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद साइबर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल की, वर्दीधारी लोगों द्वारा पिटाई के वीडियो व्हाट्सएप पर भेजे और धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो 20 साल की जेल करवा देंगे और पति-पत्नी को बुरी तरह पिटवाएंगे।लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत महिला ने अपने कानों के कुंडल और अन्य जेवर सुनार के पास गिरवी रखे और सुनार के मोबाइल से भी ठगों के खाते में पैसे डलवा दिए। हालात यह हो गए कि महिला के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे, लेकिन पार्सल न आया और ठगों की मांग और बढ़ती चली गई।जब सच्चाई सामने आई और महिला पूरी तरह टूट चुकी थी, तब उसने हिम्मत कर थाना मिरहची पहुंचकर आपबीती सुनाई। इस संबंध में जब एस पी क्राइम योगेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया शिकायत मिलते ही तुरंत कार्यवाही की जाएगी।
यह घटना न केवल साइबर अपराधियों की क्रूरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि गरीब, असहाय और विकलांग लोग साइबर ठगों के आसान शिकार क्यों बनते जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन से पीड़िता को जल्द न्याय और ठगों की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।
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