सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश शासन के चीनी उद्योग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुल्तानपुर में तैनात जिला गन्ना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर गंभीर प्रशासनिक लापरवाही, शासकीय निर्देशों की अवहेलना और चीनी मिल के पर्यवेक्षणीय दायित्वों में ढिलाई बरतने के आरोप लगाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजेंद्र प्रसाद के पास किसान सहकारी चीनी मिल, सुल्तानपुर के प्रधान प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी था। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सहकारी चीनी मिल सुल्तानपुर में शीरा भंडारण के लिए बनाए गए टैंकों में बरसात के पानी से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे गंभीर तकनीकी और वित्तीय जोखिम उत्पन्न हुआ।
इसके अतिरिक्त, शासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन न करने, कार्यों में लापरवाही बरतने तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन का भी आरोप उन पर है। मामले की प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर चीनी उद्योग विभाग की विशेष सचिव सी. इंदुमती ने उनके निलंबन का आदेश जारी किया।
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान राजेंद्र प्रसाद का मुख्यालय गन्ना आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही, निलंबन काल में वे किसी भी प्रकार की अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय से नहीं जुड़ सकेंगे।
विशेष सचिव की ओर से मामले की विस्तृत जांच के लिए नामित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को शासन द्वारा सहकारी चीनी मिलों में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो निलंबित अधिकारी के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई संभव है।
