पीलीभीत। जनपद के ग्राम नवादा निवासी गंगाराम ने 102 एंबुलेंस के कॉल सेंटर लखनऊ पर कॉल कर गर्भवती महिला सरोज पत्नी प्रमोद को प्रसव पीड़ा होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही 102 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को घर से एंबुलेंस में शिफ्ट कर सरकारी अस्पताल ले जाया जाने लगा।
रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के.के. ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए बीएसआई प्रोटोकॉल का पालन किया। पायलट अमित कुमार की मदद से एंबुलेंस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रुकवाया गया। इसके बाद लखनऊ स्थित कॉल सेंटर में मौजूद डॉक्टर अहमद से ईआरसीपी के माध्यम से मार्गदर्शन लेते हुए एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।
प्रसव के दौरान फंसे हुए प्लेसेंटा को नाल काटकर बच्चे को अलग किया गया और नवजात को सुरक्षित रूप से परिजनों की गोद में सौंपा गया। ईएमटी के.के. ने केएमसी पद्धति के माध्यम से नवजात को गर्म रखने की सलाह दी। इसके बाद काफी सावधानी और समझदारी के साथ फंसे हुए प्लेसेंटा को बाहर निकाला गया।
प्रसव उपरांत जच्चा-बच्चा दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां स्टाफ नर्स शोभा बीलाल ने मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित व स्वस्थ बताया।सरोज के परिजनों ने 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता और कुशलता के कारण किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने सरकार से एंबुलेंस सेवा को निरंतर जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे आम जनता को अत्यधिक लाभ मिल रहा है।
