लखनऊ। लखनऊ जिले के बीकेटी इटौंजा माल मलिहाबाद सैरपुर दुबग्गा में बुधवार सुबह मौसम में बदलाव के साथ ही ठंड बढ़ गई। घने कोहरे और बादलों के कारण दिनभर सूरज नहीं दिखा। कोहरे की वजह से सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया और वाहनों की रफ्तार कभी धीमी पड़ गई। वहीं इस मौसम में पहली बार इतना घना कोहरा देखा गया, जो दोपहर तक छाया रहा और शाम होते ही ठंडी हवाएं से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह सुबह स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्रों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं ठंड से पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक इसी तरह घना कोहरे और ठंड छाए रहने की संभावना है। वहीं घने कोहरे और बढ़ती ठंड का असर फसलों पर भी देखा जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद होती है, जबकि फूल वाली फसलों को इससे नुकसान हो सकता है। वहीं किसान नेता राम प्रकाश सिंह ने बताया कि दिसंबर का आधा महीना बीत चुका है और गेहूं व आलू की फसल के लिए ठंड का बढ़ना आवश्यक है।
लखनऊ जिले के बीकेटी इटौंजा माल मलिहाबाद सैरपुर इन क्षेत्रों के चैराहों गलियों एवं सड़कों पर देखा गया कि, लोग दफ्ती पन्नी से अलाव तापते हुए ठंड से बचते दिखे। मंगलवार व बुधवार को ठंड की शुरुआत हो गई। आधा दिसंबर बीत चुका है, लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन व नगर पंचायत प्रशासन की तरफ से किसी प्रकार की अलाव व शर्दी से राहत के बचाव के लिए कोई कार्य करने चाहिए। वहीं घने कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड व बर्फीली धीमी हवा ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। वही जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं क्षेत्र के नागरिकों ने बताया कि प्रशासन द्वारा अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था करवाई जायें और गरीबों को कंबल वितरण कराया जायें,जिससे कि ठंड से उनको राहत मिल सकें।
