यूपी में एक्सप्रेसवे पर घटाई गई गाड़ियों की रफ्तार! तेज चलाई कार तो कटेगा चालान
December 19, 2025
उत्तर प्रदेश में सर्दियों के कोहरे ने एक्सप्रेसवे पर सफर को खतरनाक बना दिया है। कोहरे के चलते दृश्यता कम होने की वजह से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने सख्त कदम उठाए हैं। अब आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड कम कर दी गई है। साथ ही, घने कोहरे में वाहनों को समूह में चलाने की सलाह दी गई है। हाल ही में एक्सप्रेसवे पर हुई कई दुर्घटनाओं को देखते हुए यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद लिया गया है। नई व्यवस्था गुरुवार रात से लागू हो गई है और 15 फरवरी तक या कोहरा कम होने तक जारी रहेगी।
कोहरे की शुरुआत के साथ ही UPEIDA ने एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाई है। पहले छोटे वाहनों यानी कि कार वगैरह की अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिसे अब घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया है। बड़े वाहनों की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। लेकिन अब और विस्तृत नियम लागू किए गए हैं,
उत्तर प्रदेश में घने कोहरे और धुंध ने एक्सप्रेसवे पर सफर को जोखिम भरा बना दिया है। ऐसे में अगर विजिबिलिटी 50 मीटर से कम हो जाती है तो वाहनों को निकटतम टोल प्लाजा, वे-साइड सुविधा केंद्र, पेट्रोल पंप या भोजनालय पर रोका जाएगा। फिर उन्हें कन्वॉय में एक साथ रवाना किया जाएगा। यह व्यवस्था पुलिस और सुरक्षा टीम की निगरानी में होगी, ताकि सभी यात्री सुरक्षित रहें। UPEIDA ने पुलिस विभाग के साथ मिलकर इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी वाहन निर्धारित गति से तेज चलता हुआ पाया जाता है तो उसका ऑनलाइन चालान होगा।
आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर तत्काल प्रभाव से विशेष सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए गए हैं। ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में ज्यादा स्पीड पर चालान की व्यवस्था नई स्पीड लिमिट के अनुसार पुनर्निर्धारित कर दी गई है। साथ ही, कोहरे में सुरक्षित यात्रा को लेकर पर्चे तैयार कर टोल प्लाजा, प्रवेश-निकास बिंदुओं और वे-साइड सुविधाओं पर वितरित किए जा रहे हैं, जिनमें सहायता नंबर और सुविधा केंद्रों की जानकारी भी होगी। सभी टोल प्लाजा पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से लगातार सूचना दी जा रही है, और रेडियो प्रसारण के जरिए भी अपील की जा रही है। इसके अलावा भी कई सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं,
