लखनऊ । सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को वीरांगना अवंतीबाई जिला महिला चिकित्सालय में किया गया। अभियान का उद्घाटन विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ने तीन माह की बच्ची को पोलियोरोधी दवा पिलाकर किया।इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक समय था जब पोलियो देश के लिए एक गंभीर चुनौती था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों, समुदाय, सहयोगी संस्थाओं तथा प्रभावी रणनीतियों के माध्यम से इसका उन्मूलन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान हर वर्ष सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है और सभी की सहभागिता से ही इसे पूर्ण सफलता मिलती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. बी. सिंह ने बताया कि अभियान के तहत जनपद में शून्य से पाँच वर्ष आयु वर्ग के कुल 7.03 लाख बच्चों को पोलियो से बचाव की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सघन पल्स पोलियो अभियान 14 से 22 दिसंबर तक चलेगा। अभियान के पहले दिन रविवार को सरकारी विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 2783 बूथों के माध्यम से बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही है। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं टैम्पो स्टैंड सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी ट्रांजिट बूथ लगाए गए हैं, जिससे कि अधिक से अधिक बच्चों को एक साथ पोलियो की खुराक दी जा सके।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 15 से 19 दिसंबर तक 2204 टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाएंगी। अभियान के लिए 136 मोबाइल टीमें, 226 ट्रांजिट टीमें तथा लगभग 7,000 वैक्सीनेटरों की तैनाती की गई है। जो बच्चे 14 से 19 दिसंबर के मध्य पोलियो की खुराक लेने से छूट जाएंगे, उन्हें 22 दिसंबर को मॉप-अप राउंड के माध्यम से दवा पिलाई जाएगी।उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों, घुमंतू परिवारों एवं निर्माण कार्य में लगे परिवारों के बच्चों को भी पोलियो रोधी दवा पिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि सोते हुए बच्चे को पोलियो रोधी दवा न पिलाएं, बल्कि उसे जगाकर ही दवा पिलवाएं। साथ ही समय से नियमित टीकाकरण कराना भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि बच्चे ने पोलियो रोधी खुराक का सेवन किया है, दवा पिलाने के बाद बच्चे के दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली पर स्याही का निशान अवश्य लगवाएं। स्याही का निशान न होने पर यह माना जाएगा कि बच्चे ने दवा नहीं पी है और उसे पुनः दवा पिलाई जाएगी। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर सलमान वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा किया गया
इस अवसर पर डॉ. मनोज शुक्ला, महाप्रबंधक, नियमित टीकाकरण, डॉ. जी. पी. गुप्ता, अपर निदेशक, लखनऊ मंडल चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. ज्योति मल्होत्रा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव, चिकित्सक डॉ. सरिता, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, नर्सिंग छात्र-छात्राएं तथा लाभार्थी उपस्थित रहे। इस अभियान में 216482 बच्चों को दवा पिलाई गई ।
