बीसलपुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में साधना धाम हरिद्वार के संत स्वामी रामानंद महाराज का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार मिश्र ने स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने स्वामी रामानंद महाराज के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे साधना परिवार के संस्थापक थे। उन्होंने वर्ष 1943 में इस आध्यात्मिक परंपरा की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य मानवता का उत्थान और आध्यात्मिक मार्ग का प्रसार करना था। उन्होंने उत्तराखंड के दोगली आश्रम में रहकर घोर साधना की और रामायण व श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से जनमानस को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ा।
प्रधानाचार्य ने बताया कि स्वामी रामानंद महाराज वर्ष 1952 में हरिद्वार में ब्रह्मलीन हो गए, लेकिन उनके विचार और कार्य आज भी साधना धाम के माध्यम से जीवंत हैं, जहां ध्यान, सत्संग और निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाती हैं।कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राओं और आचार्यों ने स्वामी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा राम नाम का जाप किया। कार्यक्रम का संचालन अशोक पाण्डेय ने किया तथा अध्यक्षता प्रधानाचार्य ने की। इस मौके पर विद्यालय के समस्त आचार्यगण उपस्थित रहे।
