अमेठीः उद्यान विभाग की योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कृषक-डीएम
December 16, 2025
अमेठी। जनपद अमेठी के विकास खण्ड बाजार शुकुल अंतर्गत ग्राम मण्डवा निवासी कृषक चन्द्रशेखर पाण्डेय द्वारा पारंपरिक कृषि से आगे बढ़ते हुए ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली उद्यानिकी फसल को अपनाकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। कृषक द्वारा 0.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ड्रैगन फ्रूट की खेती प्रारम्भ की गई, जिससे यह सिद्ध हुआ है कि वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित कृषि पद्धतियों से कम क्षेत्रफल में भी बेहतर उत्पादन एवं आय प्राप्त की जा सकती है। उद्यान विभाग द्वारा संचालित “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” माइक्रो इरीगेशन योजना के अंतर्गत कृषक के खेत में ड्रिप सिंचाई प्रणाली की स्थापना कराई गई। इस सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के माध्यम से जल की बचत के साथ-साथ पौधों को संतुलित मात्रा में नमी उपलब्ध कराई गई, जिससे फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लगभग तीन वर्ष पश्चात प्रथम तुड़ाई में कृषक को संतोषजनक उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही कृषक द्वारा भूमि के अधिकतम उपयोग हेतु इण्टरक्रॉपिंग पद्धति अपनाते हुए बैंगन, टमाटर एवं हरी मिर्च की खेती भी की गई। फसल विविधीकरण से न केवल जोखिम में कमी आई, बल्कि आय के अतिरिक्त स्रोत भी विकसित हुए। इस अवसर पर जिलाधिकारी संजय चैहान ने कहा कि “जनपद में कृषकों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ाकर उच्च मूल्य वाली उद्यानिकी फसलों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर कृषक अपनी आय में स्थायी वृद्धि कर सकते हैं।” उन्होंने अन्य कृषकों से भी अपील की कि वे नवीन तकनीकों को अपनाकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करें।
