लखनऊः 25 दिसंबर 1763 शाहदरा की धरती पर वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की अमर शहादत
December 17, 2025
लखनऊ। भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल जिस प्रकार से अपने समकालीनों के सांप्रदायिक आग्रह के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े हुए, अपने क्षेत्र और उसके आसपास के इलाके पर होने वाले विदेशी आक्रमण को पराभूत किया , सभी सांप्रदायिक दावों को मजबूती से दबाया और अंत में मानवतावादी आदर्शों में अपनी आस्था और दृढ़ विश्वास को सिद्ध करने के लिए अपना जीवन अर्पित किया , इस कारण से इतिहासकारों ने उन्हें गर्व के साथ धर्म निरपेक्षता , देशभक्ति और मानवतावादी भावना का प्रतीक माना है। महाराजा सूरजमल 25 दिसंबर , 1763 ई० को शाहदरा ( दिल्ली ) के निकट शहीद हुए थे । महाराजा सूरजमल परम देशभक्त , धर्मनिरपेक्ष , कूटनीतिक और उच्चकोटि के योद्धा थे जिनकी इतिहासकारों ने दिल खोलकर प्रशंसा की है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सूरजमल स्मारक शिक्षा संस्था द्वारा उनका ष्बलिदान दिवसष् वीरवार , 25 दिसंबर 2025 को महाराजा सूरजमल समाधि स्थल, महाराजा सूरजमल मार्ग , सूरजमल विहार , सी. बी. डी. ग्राउंड के पास मनाया जा रहा है। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए पधारेंगे। प्रात 10 बजे हवन एवम् 11रू00 से 01रू00 बजे तक पुष्पांजलि का कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर महाराजा सूरजमल संबंधी साहित्य कम मूल्य पर उपलब्ध होगा । पुष्पांजलि समारोह के पश्चात सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई है। समाधि स्थल के लिए बस रूट नंबर 202 , 340 और 358 एवम नजदीकी मेट्रो स्टेशन कड़कड़डूमा , मानसरोवर पार्क हैं । सूरजमल स्मारक शिक्षा संस्था के कार्यकारिणी के सदस्य अरविंद पाल दहिया ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इष्ट मित्रों सहित पुष्पांजलि अर्पण समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया है।
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