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Sonebhadra: कृष्णा माइनिंग खदान हादसे में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी दबाव में मजदूरों से कराया गया जोखिमपूर्ण कार्य, 4 गिरफ्तार।

एसआईटी टीम ने 04 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, खदान मालिक व ठेकेदारों के दबाव में उन्हें काम करने के लिए कहा गया।

सोनभद्र। थाना ओबरा, सोनभद्र अन्तर्गत बिल्ली मारकुण्डी स्थित मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में ड्रिलिंग के दौरान पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह गया, जिसमें 7 मजदूरों की दबकर दुःखद मृत्यु हो गई। इस संबंध में थाना ओबरा पर मु0अ0सं0 264/2025, धारा 105 बीएनएस पंजीकृत कर प्रभावी विवेचना प्रारंभ की गई। कृष्णा माइनिंग वर्क्स खदान हादसे की गहन जांच हेतु पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी ओबरा के नेतृत्व में 05 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की गई थी, जिसे  21.11.2025 को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। एसआईटी टीम ने हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का अनावरण करते हुए 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
(माइन्स मैनेजर) अनिल कुमार झा, पुत्र श्री गोरीकांत झा निवासी– इब्राहिमपुर, थाना बहेरा, पोस्ट हरिपुर, जिला दरभंगा (बिहार) वर्तमान पता– निवारणपुर, थाना दोरन्दा, जिला रांची (झारखंड) उम्र 59 वर्ष ।
(माइन्स स्टाफ) अजय कुमार पुत्र स्व. रामअचल निवासी– बिल्ली पोखरा के पास, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र उम्र 44 वर्ष ।
(माइन्स मेट) चन्द्रशेखर पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी अग्रवाल नगर कॉलोनी, वार्ड संख्या 18, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र मूल निवासी– ग्राम कोच्या, पोस्ट विशुनपुरा, थाना विशुनपुरा, जिला गढ़वा (झारखंड) उम्र 46 वर्ष ।
(माइन्स स्टाफ)गौरव सिंह पुत्र प्रेमनाथ सिंह निवासी अग्रेसक्टर 08, किड्स केयर के पास, थाना ओबरा, उम्र 33 वर्ष पूछताछ के दौरान एसआईटी के समक्ष माइन्स मैनेजर एवं माइन्स मेट ने स्वीकार किया कि खदान में ड्रिलिंग एवं विस्फोटक मानकों में हो रही अनियमितताओं की सूचना खान सुरक्षा निदेशक को नहीं दी गई।ड्रिलिंग के समय मजदूरों को सुरक्षा निर्देश नहीं दिए गए, न ही आवश्यक सावधानी बरती गई। मजदूरों के नीचे खदान में कार्य से मना करने के बावजूद खदान मालिक व ठेकेदारों के दबाव में उन्हें काम करने के लिए कहा गया। माइन्स मैनेजर एवं मेट ने इस गंभीर जोखिम की जानकारी न तो अपने उच्चाधिकारियों को दी और न ही कार्य को रोकने का प्रयास किया। एसआईटी जांच में यह भी पाया गया कि मानक से अधिक ड्रिलिंग किए जाने के कारण खदान की संरचना कमजोर हो गई, जिसके परिणामस्वरूप पत्थर का विशाल हिस्सा अचानक ढह गया और उसके नीचे दबकर 07 मजदूरों की मृत्यु हो गई। माइन्स मैनेजर एवं माइन्स मेट की भूमिका प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही, कर्तव्यों की अनदेखी तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन में पाई गई। उपरोक्त साक्ष्यों के आधार पर सभी चारों को मौके पर ही हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई प्रचलित की गई है।

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