प्रतापगढ़। जिले में जिलाधिकारीध्जिला निर्वाचन अधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने वुधवार को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत प्राथमिक विद्यालय गायघाट, अबुल कलाम इण्टर कालेज, राजकीय बालिका इण्टर कालेज व एमडीपीजी कालेज का औचक निरीक्षण कर मतदाताओं के एसआईआर फार्म भराये जाने के वास्तविक स्थिति की जानकारी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर नैन्सी सिंह भी उपस्थित रही।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों पर पहुॅचकर उपस्थित बीएलओ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान आनलाइन व आफलाइन गणना प्रपत्रों के भराये जाने व फीडिंग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तो पाया गया कि कुछ मतदेय स्थलो पर अध्यापकों द्वारा सहयोग नही किया जा रहा है जिस पर डीएम ने मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक से फोन पर वार्ता कर निर्देशित किया कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यो में अध्यापकों की ड्यूटी लगाकर कार्यो में तेजी लायी जाये। निरीक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों के कार्यो में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और निर्देशित किया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के फार्म भराकर फीडिंग का कार्य कराया जाये।
इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने पंजाबी मार्केट में पैदल भ्रमण कर व्यापारियों से एसआईआर फार्म भरे जाने के सम्बन्ध में जानकारी ली और जनसामान्य से अपील करते हुये कहा कि जिन भी लोगो के एसआईआर फार्म अभी तक नहीं भरे हुये है वह सम्बन्धित बीएलओ से सम्पर्क कर यथाशीघ्र अपना फार्म अवश्य भरवा लें जिससे कोई भी पात्र मतदाता छूटे ने और समय आने पर वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
उन्होंने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान समस्त बीएलओ को चेतावनी दी कि एसआईआर कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र अभी तक उनके घर नहीं पहुॅचे है, वहां पर यथाशघ्र फार्म उपलब्ध कराये और फार्म भराकर उसकी फीडिंग भी करायी जाये। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम से संबंधित कार्य समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं।
डीएम ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है। इसका लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। यह विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान 4 दिसंबर 2025 तक संचालित किया जाएगा।
