बलिया। नगरा के प्राचीन दुर्गा मंदिर में 14 नवंबर की रात हुई चोरी का खुलासा पांच दिन बाद भी पुलिस नहीं कर पाई है। चोरी का खुलासा न होने से पुलिस की कार्रवाई एवं दक्षता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी दिख रही है। लोगों का कहना है कि इलाके में जहां चोर सक्रिय हैं, वहीं पुलिस उदासीन हो गई है।
नगर पंचायत के प्राचीन दुर्गा मंदिर के पुजारी रात को आरती के बाद महावीर मंदिर सोने चले गए। इसी बीच रात को किसी समय तीन अज्ञात चोर मुंह बांधकर शॉल ओढ़े हुए मंदिर के मुख्य चैनल का ताला तोड़कर मंदिर में प्रवेश कर गए तथा गर्भ गृह एवं दो दान पेटिका का ताला चटका कर चांदी का मुकुट, दो सोने की नथिया एवं दान पेटिका का पैसा उड़ा दिए।
बताते चलें कि चोरों की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सुबह चोरी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल किया। पुजारी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया है किन्तु पांच दिन बाद भी पुलिस चोरों का पता नहीं लगा सकी। पुलिस द्वारा अबतक कोई कार्रवाई न होने से श्रृद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है।
गौरतलब हैं कि इससे पहले नौ नवंबर की रात में नगरा- सिकंदरपुर मार्ग स्थित काली माता मंदिर में भी चोर चारदीवारी फांदकर अंदर घुस गए और दान पेटिका लेकर चले गए थे। सुबह खेत में खाली दान पेटिका मिली थी, पेटिका का पैसा गायब था।14 नवंबर की रात में ही नगर पंचायत के वार्ड नंबर सात में तरिया पोखरे के पास स्थित विश्वकर्मा एवं शिव मंदिर का ताला चटका कर चोर दान पेटिका का पैसा उड़ा दिए थे। हालांकि इस चोरी की सूचना वहां के लोगों ने पुलिस को नहीं दिया था।
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