संग्रामपुर: धात्री महिलाओं को किया गया जागरूक
November 20, 2025
संग्रामपुर/अमेठी। प्रतिवर्ष 15 नवंबर से 21 नवंबर के बीच राष्ट्रीय नवजात शिशु देखभाल सप्ताह कार्यक्रम चलाया जाता है। इसी कार्यक्रम को लेकर आज सामुदायिक स्वास्थ्य संग्रामपुर में धात्री महिलाओं के साथ अस्पताल के चिकित्सक नर्स ने शिशु देखभाल जागरूकता बैठक की। बैठक के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भारी डॉक्टर संतोष सिंह ने कहा कि शिशु मृत्यु को समाप्त करने के लिए बाल स्वास्थ्य बहुत ही जरूरी है। नवजात शिशुओं की देखभाल सही ढंग से रखरखाव करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नवजात शिशु की मां की होती है। उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से बताया कि नवजात अवस्था जीवन के पहले 28 दिन शिष्य के जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण होती है। क्योंकि इस दौरान प्रतिदिन मृत्यु का जोखिम सबसे अधिक होता है जीवन का पहला महीना काली स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला डॉक्टर गौड़ ने बताया कि हर नवजात शिशु चाहे वह किसी भी स्थान पर पैदा हुआ हो उच्च गुणवत्ता वाली सार्वभौमिक नवजात स्वास्थ्य देखभाल का अधिकार रखता है विष्णु को सामान्य रूप से सांस लेने गर्म रहने और पौष्टिक होने और संक्रमणों व चोटों से सुरक्षित रहने का अधिकार है सभी नवजात शिशु ओं प्राथमिक नवजात देखभाल करना चाहिए। महिला नर्स रेखा वर्मा ने बताया कि 35ः की बच्चे जीवन के पहले महीने में उचित शारीरिक विकास की कमी के कारण मर जाते हैं 33 फीसदी नवजात संक्रमण के कारण मरते हैं। कार्यक्रम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर संतोष सिंह ने बताया कि 15 नवंबर से 21 नवंबर तक राष्ट्रीय शिष्य देखभाल सप्ताह कार्यक्रम चलाया जाता है इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को शत प्रतिशत कम करना है। उन्होंने बताया 33 प्रतिशत नवजात संक्रमण के कारण 20ः श्वसन और 9प्रतिशत जन्मजात कृतियों के कारण मर जाते हैं इसलिए नवजात शिशु देखभाल सप्ताह जागरूकता बढ़ाने और नवजात शिशुओं की देखभाल प्रेरित करने के लिए यह सप्ताह कार्यक्रम चलाया जाता है। जिसके कारण शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। इस कार्यक्रम में ए आर ओ संतोष यादव, बीपीएम शम्भू नाथ पाण्डेय, बीसीपीएम तीर्थराज यादव,आशा संगिनी कमलेश सिंह समस्त आशा बहू और धात्री महिलाएं शामिल रही।
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