भीड़भाड़ में भी अचकू निशाना, अलग-अलग तरह की गोलियां दागने में सक्षम CQB कार्बाइन
October 23, 2025
सेना को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार स्वदेशी क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन मिलने का रास्ता साफ हो गया है. सेना ने इसके लिए कल्याणी स्ट्रैटजिक सिस्टम और अडानी की पीएलआर सिस्टम संग 4.25 लाख कार्बाइन के लिए करार किया है. इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और भारत फोर्ज ने भारतीय सशस्त्र सेना के लिए संयुक्त रूप से विकसित किया है.
CQB कार्बाइन को खास तौर से अर्बन वॉरफेयर और आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है. स्वदेशी क्लोज क्वार्टर बैटल को डीआरडीओ की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट पुणे ने डिजाइन किया है और यह निजी क्षेत्र की भारत फोर्ज के साथ मिलकर विकसित की गई है.
ये कार्बाइन खास तौर पर क्लोज रेंज कॉम्बैट काउंटर टेरर ऑपरेशन, बिल्डिंग में छिपे आतंकियों से मुठभेड़, भीड़ वाले या शहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए ही डिजाइनिंग की गई है. हल्की होने की वजह से इसे चलाना सामान्य असॉल्ट राइफल के मुकाबले ज्यादा आसान है.
ये कार्बाइन खास तौर पर क्लोज रेंज कॉम्बैट काउंटर टेरर ऑपरेशन, बिल्डिंग में छिपे आतंकियों से मुठभेड़, भीड़ वाले या शहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए ही डिजाइनिंग की गई है. हल्की होने की वजह से इसे चलाना सामान्य असॉल्ट राइफल के मुकाबले ज्यादा आसान है.
