लखनऊ। छठ महापर्व की पावन बेला पर सोमवार की शाम श्रद्धालुओं ने गोमती नदी के तट पर स्थित विभिन्न घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। मंगलवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया गया। इसी को लेकर नगर निगम लखनऊ की टीम सोमवार रात से ही सभी जोनों में पूरी सक्रियता से काम में जुटी रही।
नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशन में सभी जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी ऑफिसर, एसएफआई, सुपरवाइजर, सफाई मित्र और जलकुंभी हटाने वाली टीमें लगातार कार्यरत हैं। नगर निगम के वार रूम से स्वयं नगर आयुक्त द्वारा रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी घाट पर सफाई या व्यवस्था में कोई कमी न रहे।प्रमुख घाटों में लक्ष्मण मेला मैदान, झूलेलाल घाट, कुड़िया घाट, मेहंदी घाट, सांझीया घाट, ऐशबाग घाट, देवरहा बाबा घाट, ओम गंगे घाट और दुर्गा मंदिर घाट (ईश्वरी खेड़ा) शामिल हैं, जहाँ सफाई और सजावट का कार्य रात भर जारी रहा। नगर निगम द्वारा घाटों की सफाई के लिए 15 नावें और एक स्टीमर नदी में लगाई गई हैं, जिनकी निगरानी जीपीएस सिस्टम से की जा रही है। साथ ही सभी घाटों पर मोबाइल शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल टैंक, डस्टबिन, प्रकाश व्यवस्था और फॉगिंग मशीनें लगाई गई हैं।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई, इसके लिए हर जोन में नोडल अधिकारी पूर्व में ही तैनात किए हुए हैं।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम की सभी टीमों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि “लखनऊ का हर घाट आज श्रद्धा और स्वच्छता का प्रतीक बन गया है। नगर निगम का समर्पित कार्य इस बात का उदाहरण है कि प्रशासन और जनता मिलकर शहर को स्वच्छ व सुन्दर बना सकते हैं।”
